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शासन ने मांगा कब्रिस्तान में दफन हुए मुर्दों का आंकड़ा
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-- उप सचिव की ओर से दस जुलाई 2020 को लिखा गया था पत्र
सहारनपुर। शासन ने लॉकडाउन के समय में तीन महीने के दौरान मरने वालों का आंकड़ा नगर निगम से मांगा, जिसमें खास बात यह है कि आंकड़ा सिर्फ दफनाए गए मुर्दों का मांगा गया। निगम की तरफ से यह आंकड़ा शासन को भेज दिया, मगर इसके पीछे शासन की क्या मंशा है? यह समझ से परे है, क्योंकि इससे पूर्व में भी हर साल मृतकों का आंक़ा मांगा जाता था, लेकिन मरने वाले सभी का आंकड़ा लिया जाता था।
प्रदेश शासन में उप सचिव कल्याण बनर्जी की ओर से निदेशक स्थानीय निकाय को इसके लिए पत्र लिखा गया था। वहां से यह पत्र नगर निगम सहारनपुर को आया। पत्र में वर्ष 2019 और 2020 के अप्रैल, मई और जून माह में कब्रिस्तान में दफन किए गए मुर्दों की जानकारी मांगी गई है। हालांकि लॉकडाउन के चलते अप्रैल 2020 की संख्या सामने नहीं आई है। बाकी दो माह का डाटा भेजा गया है। यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
निगम द्वारा तैयार किया गया आंकड़ा
वर्ष ---------- अप्रैल ------- मई -------- जून
2019 -------- 100 --------- 100 -------- 122
2020 -------- 00 ----------- 77 --------- 281
------ वर्जन
शासन हर तिमाही या छमाही में यह पूछता है कि कितने जन्म और मृत्यु हुई हैं। उसमें किसी एक मजहब विशेष के बारे में नहीं पूछा जाता। केवल कब्रिस्तान में दफनाए गए मृतकों का आंकड़ा मांगे जाने की मुझे जानकारी नहीं है। -- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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सहारनपुर। शासन ने लॉकडाउन के समय में तीन महीने के दौरान मरने वालों का आंकड़ा नगर निगम से मांगा, जिसमें खास बात यह है कि आंकड़ा सिर्फ दफनाए गए मुर्दों का मांगा गया। निगम की तरफ से यह आंकड़ा शासन को भेज दिया, मगर इसके पीछे शासन की क्या मंशा है? यह समझ से परे है, क्योंकि इससे पूर्व में भी हर साल मृतकों का आंक़ा मांगा जाता था, लेकिन मरने वाले सभी का आंकड़ा लिया जाता था।
प्रदेश शासन में उप सचिव कल्याण बनर्जी की ओर से निदेशक स्थानीय निकाय को इसके लिए पत्र लिखा गया था। वहां से यह पत्र नगर निगम सहारनपुर को आया। पत्र में वर्ष 2019 और 2020 के अप्रैल, मई और जून माह में कब्रिस्तान में दफन किए गए मुर्दों की जानकारी मांगी गई है। हालांकि लॉकडाउन के चलते अप्रैल 2020 की संख्या सामने नहीं आई है। बाकी दो माह का डाटा भेजा गया है। यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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निगम द्वारा तैयार किया गया आंकड़ा
वर्ष ---------- अप्रैल ------- मई -------- जून
2019 -------- 100 --------- 100 -------- 122
2020 -------- 00 ----------- 77 --------- 281
------ वर्जन
शासन हर तिमाही या छमाही में यह पूछता है कि कितने जन्म और मृत्यु हुई हैं। उसमें किसी एक मजहब विशेष के बारे में नहीं पूछा जाता। केवल कब्रिस्तान में दफनाए गए मृतकों का आंकड़ा मांगे जाने की मुझे जानकारी नहीं है। -- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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