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पहले चरण के चुनावी इम्तिहान को पुलिस प्रशासन अलर्ट
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 04 Oct 2015 11:31 PM IST
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सहारनपुर। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए पहले चरण के चुनावी इम्तिहान को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। साढ़ौली कदीम, मुजफ्फराबाद और सरसावा ब्लॉक में पहले चरण का मतदान नौ अक्तूबर को होगा। इन ब्लॉकों में शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराने के लिए मतदान कराने वाली पार्टियों से लेकर मतदान केंद्र, मतदेय स्थलों और मतपेटियों के साथ ही मतदाताओं की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी पवन कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरपी यादव सोमवार से ही इन ब्लॉकों में पड़ने वाले संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों का दौरा करेंगे।
बता दें कि चुनाव की यह चुनौती इसलिए भी बड़ी हो चुकी है क्योंकि पंचायत चुनाव में शराब की अवैध तस्करी से लेकर बड़े स्तर पर अवैध हथियारों की वेस्ट यूपी के बदमाशों तक सप्लाई के लगातार खुलासे सामने आ रहे हैं। क्षेत्र पंचायत के मुकाबले जिला पंचायत सदस्य के चुनाव को लेकर सियासी दलों के बीच अधिक गुटबाजी के कारण भी मतदान के दिन किसी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके लिए कड़ी निगरानी की जा रही है।
पहले चरण में मुजफ्फराबाद में 13 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जो गहन अति संवेदनशील हैं। जबकि 11 अति संवेदनशील हैं। साढ़ौली कदीम ब्लॉक में सात मतदान केंद्र गहन अति संवेदनशील हैं जबकि 11 अति संवेदनशील हैं। इसके अलावा सरसावा में 20 मतदान केंद्र गहन अति संवेदनशील और 9 अति संवेदनशील हैं। एसएसपी आरपी यादव ने बताया कि ऐसे केंद्रों पर विशेष निगरानी और पुलिस फोर्स के आंकलन के लिए सोमवार को डीएम पवन कुमार के साथ दौरे शुरू किए जाएंगे।
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पहले चरण की सीमाओं को पहले ही आंक चुके कप्तान
एसएसपी ने बताया कि पंचायत चुनाव के पहले चरण में मतदान के दिन जनपद से लगती सीमाओं से किसी भी तरह की गड़बड़ी न की जाए। इसके लिए सरसावा ब्लॉक में हरियाणा से लगते शाहजहांपुर चेकपोस्ट और मुजफ्फराबाद एवं साढ़ौली कदीम ब्लॉकों से जुड़े मिर्जापुर बार्डर पर वह पहले ही दौरा कर चुके हैं। मोहंड रेंज में भी सतर्कता को परखा गया है।
दो दिन पहले से लिया जाएगा फीडबैक
पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग की सक्रिय टीमों से जुड़े सूत्रों की माने तो मतदान होने से दो दिन पूर्व यानी सात अक्तूबर से पहले चरण के मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों पर सुरक्षा से जुड़ी खामियों और फोर्स की जरूरत के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। संवेदनशीलता के आधार पर आपात समय में किसी स्थल को संवेदनशील, अतिसंवेदनशील या फिर गहन अति संवेदनशील श्रेणी में रखा जाएगा। सरसावा और मुजफ्फराबाद में सबसे अधिक नजर रखी जाएगी।
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बता दें कि चुनाव की यह चुनौती इसलिए भी बड़ी हो चुकी है क्योंकि पंचायत चुनाव में शराब की अवैध तस्करी से लेकर बड़े स्तर पर अवैध हथियारों की वेस्ट यूपी के बदमाशों तक सप्लाई के लगातार खुलासे सामने आ रहे हैं। क्षेत्र पंचायत के मुकाबले जिला पंचायत सदस्य के चुनाव को लेकर सियासी दलों के बीच अधिक गुटबाजी के कारण भी मतदान के दिन किसी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके लिए कड़ी निगरानी की जा रही है।
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पहले चरण में मुजफ्फराबाद में 13 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जो गहन अति संवेदनशील हैं। जबकि 11 अति संवेदनशील हैं। साढ़ौली कदीम ब्लॉक में सात मतदान केंद्र गहन अति संवेदनशील हैं जबकि 11 अति संवेदनशील हैं। इसके अलावा सरसावा में 20 मतदान केंद्र गहन अति संवेदनशील और 9 अति संवेदनशील हैं। एसएसपी आरपी यादव ने बताया कि ऐसे केंद्रों पर विशेष निगरानी और पुलिस फोर्स के आंकलन के लिए सोमवार को डीएम पवन कुमार के साथ दौरे शुरू किए जाएंगे।
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पहले चरण की सीमाओं को पहले ही आंक चुके कप्तान
एसएसपी ने बताया कि पंचायत चुनाव के पहले चरण में मतदान के दिन जनपद से लगती सीमाओं से किसी भी तरह की गड़बड़ी न की जाए। इसके लिए सरसावा ब्लॉक में हरियाणा से लगते शाहजहांपुर चेकपोस्ट और मुजफ्फराबाद एवं साढ़ौली कदीम ब्लॉकों से जुड़े मिर्जापुर बार्डर पर वह पहले ही दौरा कर चुके हैं। मोहंड रेंज में भी सतर्कता को परखा गया है।
दो दिन पहले से लिया जाएगा फीडबैक
पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग की सक्रिय टीमों से जुड़े सूत्रों की माने तो मतदान होने से दो दिन पूर्व यानी सात अक्तूबर से पहले चरण के मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों पर सुरक्षा से जुड़ी खामियों और फोर्स की जरूरत के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। संवेदनशीलता के आधार पर आपात समय में किसी स्थल को संवेदनशील, अतिसंवेदनशील या फिर गहन अति संवेदनशील श्रेणी में रखा जाएगा। सरसावा और मुजफ्फराबाद में सबसे अधिक नजर रखी जाएगी।