{"_id":"6aac3d5b295e7780d6082f95","slug":"the-drivers-arrest-could-reveal-the-sources-of-the-counterfeit-notes-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-183918-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: चालक की गिरफ्तारी से खुल सकते हैं जाली नोटों के स्रोत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: चालक की गिरफ्तारी से खुल सकते हैं जाली नोटों के स्रोत
विज्ञापन
फालोअप :
- करीब आठ साल से तैनाती के चलते करेंसी चेस्ट की गतिविधियों से परिचित होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में चालक आदेश की गिरफ्तारी के बाद जांच में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि करीब आठ साल से बैंक में चालक के पद पर तैनात आदेश करेंसी चेस्ट की गतिविधियों से परिचित था। उसकी गिरफ्तारी से एनआईए को जाली नोटों के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
जाली नोट प्रकरण में बैंक के कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में हैं। चालक आदेश लंबे समय से करेंसी चेस्ट की वैन पर कार्यरत था। इस वजह से उसे करेंसी चेस्ट में नकदी के आवागमन, कर्मचारियों की ड्यूटी और बैंक की आंतरिक गतिविधियों की जानकारी होने की आशंका है। जांच एजेंसी अब यह जानने में जुटी है कि आदेश किन-किन बैंक कर्मचारियों के संपर्क में था। करेंसी चेस्ट से जुड़े कर्मचारियों के साथ उसके संपर्क, बातचीत और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही।
इसके अलावा यह भी पता किया जा रहा है कि वह नकदी के आवागमन के दौरान किन लोगों के संपर्क में आता था। आदेश की गिरफ्तारी के बाद एनआईए के सामने कई अहम सवाल हैं। जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और कहां से लाए गए। इसके अलावा असली नोट कहां गए। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपी आदेश को जाली नोटों की जानकारी कब हुई। बताया जा रहा है कि आदेश करीब आठ साल से करेंसी चेस्ट की वैन पर तैनात था।
विज्ञापन
-- वर्जन
पीएनबी की करेंसी चेस्ट मामले की जांच एनआईए कर रही है। एनआईए अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी दो आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। - व्योम बिंदल, एसपी सिटी
विज्ञापन
- करीब आठ साल से तैनाती के चलते करेंसी चेस्ट की गतिविधियों से परिचित होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में चालक आदेश की गिरफ्तारी के बाद जांच में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि करीब आठ साल से बैंक में चालक के पद पर तैनात आदेश करेंसी चेस्ट की गतिविधियों से परिचित था। उसकी गिरफ्तारी से एनआईए को जाली नोटों के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
जाली नोट प्रकरण में बैंक के कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में हैं। चालक आदेश लंबे समय से करेंसी चेस्ट की वैन पर कार्यरत था। इस वजह से उसे करेंसी चेस्ट में नकदी के आवागमन, कर्मचारियों की ड्यूटी और बैंक की आंतरिक गतिविधियों की जानकारी होने की आशंका है। जांच एजेंसी अब यह जानने में जुटी है कि आदेश किन-किन बैंक कर्मचारियों के संपर्क में था। करेंसी चेस्ट से जुड़े कर्मचारियों के साथ उसके संपर्क, बातचीत और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही।
विज्ञापन
इसके अलावा यह भी पता किया जा रहा है कि वह नकदी के आवागमन के दौरान किन लोगों के संपर्क में आता था। आदेश की गिरफ्तारी के बाद एनआईए के सामने कई अहम सवाल हैं। जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और कहां से लाए गए। इसके अलावा असली नोट कहां गए। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपी आदेश को जाली नोटों की जानकारी कब हुई। बताया जा रहा है कि आदेश करीब आठ साल से करेंसी चेस्ट की वैन पर तैनात था।
विज्ञापन
पीएनबी की करेंसी चेस्ट मामले की जांच एनआईए कर रही है। एनआईए अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी दो आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। - व्योम बिंदल, एसपी सिटी