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Saharanpur News: सामान्य वार्डों पर भी रहा है पिछड़े वर्ग का दबदबा
Fri, 20 Jan 2023 11:48 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 20 Jan 2023 11:48 PM IST
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सहारनपुर। विगत चुनावों में अन्य पिछड़े वर्ग का जनपद के नगरीय निकायों के अनारक्षित वार्डों पर भी दबदबा रहा है। 2017 के नगरीय निकाय चुनावों में जनपद के 11 नगरीय निकायों में 60 वार्ड अन्य पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित थे, जबकि अन्य पिछड़े वर्गों के 128 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। लगभग यही स्थिति 2012 और 2006 के नगरीय निकाय चुनाव में भी रही है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद गठित किए गए उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य चौब सिंह वर्मा की अध्यक्षता में गत सोमवार को मुजफ्फरनगर में हुई मंडल स्तरीय बैठक में यह तथ्य सामने आया है। वर्ष 2017 में जनपद में नगर निगम सहित 11 नगरीय निकायों मेें चुनाव हुआ। इन नगरीय निकायों के 243 वार्डों में से 60 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षित थे, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के 128 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। उन्होंने आरक्षित के अलावा 68 अनारक्षित वार्डों में जीत हासिल की।
इसी प्रकार वर्ष 2012 में हुए नगरीय निकाय चुनावों में नगर निगम को छोड़कर दस नगरीय निकायों में चुनाव हुए थे। इनके 173 वार्डों में से 42 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थे। आरक्षित वार्डों के अतिरिक्त 45 वार्डों पर भी ओबीसी प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। यही स्थिति 2006 के चुनावों में रही। जिसमें अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 36 वार्ड आरक्षित थे, जबकि ओबीसी प्रत्याशियों ने 80 वार्डों पर जीत दर्ज कराई थी।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी ने बताया कि मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में जनपद के ओबीसी के आरक्षण की स्थिति पेश की गई।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद गठित किए गए उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य चौब सिंह वर्मा की अध्यक्षता में गत सोमवार को मुजफ्फरनगर में हुई मंडल स्तरीय बैठक में यह तथ्य सामने आया है। वर्ष 2017 में जनपद में नगर निगम सहित 11 नगरीय निकायों मेें चुनाव हुआ। इन नगरीय निकायों के 243 वार्डों में से 60 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षित थे, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के 128 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। उन्होंने आरक्षित के अलावा 68 अनारक्षित वार्डों में जीत हासिल की।
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इसी प्रकार वर्ष 2012 में हुए नगरीय निकाय चुनावों में नगर निगम को छोड़कर दस नगरीय निकायों में चुनाव हुए थे। इनके 173 वार्डों में से 42 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थे। आरक्षित वार्डों के अतिरिक्त 45 वार्डों पर भी ओबीसी प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। यही स्थिति 2006 के चुनावों में रही। जिसमें अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 36 वार्ड आरक्षित थे, जबकि ओबीसी प्रत्याशियों ने 80 वार्डों पर जीत दर्ज कराई थी।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी ने बताया कि मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में जनपद के ओबीसी के आरक्षण की स्थिति पेश की गई।