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करंट से खंभे पर चढ़े संविदाकर्मी की मौत
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छुटमलपुर के रसूलपुर कलां में संविदाकर्मी की मौत के बाद मौके पर जुटी भीड़
- फोटो : SAHARANPUR
छुटमलपुर (सहारनपुर)। रविवार की शाम शट डाउन लेकर बिजली लाइन ठीक करने गए संविदाकर्मी की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। करंट से संविदाकर्मी का शरीर जल गया और उसका शव खंभे पर ही लटका रह गया। ग्रामीणों ने आपूर्ति बंद करा कर शव को नीचे उतारा। सूचना के बावजूद किसी बिजली अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से खफा ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने मना कर दिया। बाद में एसओ ने एसडीएम और अधिशासी अभियंता से फोन पर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मृतक आश्रितों को दिलाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।
फतेहपुर भादो स्थित 33 केवीए विद्युत उप केंद्र पर तैनात संविदाकर्मी 35 वर्षीय रियासत पुत्र शकील निवासी बादशाहपुर थाना बिहारीगढ़ अपने एक अन्य संविदाकर्मी साथी प्रमोद के साथ रविवार की शाम पास के गांव रसूलपुर में बिजली लाइन में आई खराबी को ठीक करने गया था। जैसे ही वह खंभे पर चढ़ा उसे तुरंत करंट लगा और वह खंभे पर ही लटका रह गया। वहीं पर उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बिजलीघर सूचना देने के बाद आपूर्ति बंद कराई और बड़ी मुश्किल से अधजले शव को नीचे उतारा। मृतक संविदाकर्मी के साथ आए संविदाकर्मी प्रमोद ने बताया कि वह शटडाउन लेकर लाइन पर काम करने के लिए आये थे। लाइन में करंट कैसे आया यह उनकी समझ में नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसे लेकर ग्रामीणों में रोष पैदा हो गया। उन्होंने मौके पर पहुंची पुलिस को शव नहीं उठाने दिया।
मौके पर मौजूद जिला पंचायत सदस्य और प्रधान प्रतिनिधि रागिब अली व भाकियू युवा के जिलाध्यक्ष अजय कांबोज का कहना था कि सूचना देने के बावजूद बिजली विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। एसओ मनोज चौधरी ने अधिशासी अभियंता पावर कार्पोरेशन व एसडीएम बेहट से फोन पर बात कर मृतक के आश्रितों को पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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उधर जेई संतोष कुमार का कहना है कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया। इसकी जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जेई को जांच के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
संविदाकर्मी की करंट से मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा है। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार बच्चे छोड़ गया है। इनमें दो बेटियां और दो बेटे हैं। उसकी मौत के बाद इनके सामने भरण पोषण का भी संकट खड़ा हो गया है।
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फतेहपुर भादो स्थित 33 केवीए विद्युत उप केंद्र पर तैनात संविदाकर्मी 35 वर्षीय रियासत पुत्र शकील निवासी बादशाहपुर थाना बिहारीगढ़ अपने एक अन्य संविदाकर्मी साथी प्रमोद के साथ रविवार की शाम पास के गांव रसूलपुर में बिजली लाइन में आई खराबी को ठीक करने गया था। जैसे ही वह खंभे पर चढ़ा उसे तुरंत करंट लगा और वह खंभे पर ही लटका रह गया। वहीं पर उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बिजलीघर सूचना देने के बाद आपूर्ति बंद कराई और बड़ी मुश्किल से अधजले शव को नीचे उतारा। मृतक संविदाकर्मी के साथ आए संविदाकर्मी प्रमोद ने बताया कि वह शटडाउन लेकर लाइन पर काम करने के लिए आये थे। लाइन में करंट कैसे आया यह उनकी समझ में नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसे लेकर ग्रामीणों में रोष पैदा हो गया। उन्होंने मौके पर पहुंची पुलिस को शव नहीं उठाने दिया।
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मौके पर मौजूद जिला पंचायत सदस्य और प्रधान प्रतिनिधि रागिब अली व भाकियू युवा के जिलाध्यक्ष अजय कांबोज का कहना था कि सूचना देने के बावजूद बिजली विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। एसओ मनोज चौधरी ने अधिशासी अभियंता पावर कार्पोरेशन व एसडीएम बेहट से फोन पर बात कर मृतक के आश्रितों को पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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उधर जेई संतोष कुमार का कहना है कि शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया। इसकी जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जेई को जांच के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
संविदाकर्मी की करंट से मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा है। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार बच्चे छोड़ गया है। इनमें दो बेटियां और दो बेटे हैं। उसकी मौत के बाद इनके सामने भरण पोषण का भी संकट खड़ा हो गया है।