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कंपनी नहर की खोदाई और सफाई का कार्य शुरू हुआ
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कम्पनी नहर की खुदाई के दौरान नक्से का निरीक्षण करते अधिकारी
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कंपनी नहर की पुन: खोदाई और सफाई का कार्य शुक्रवार को शुरू करा दिया। सहायक नगरायुक्त और एसडीओ (सिंचाई विभाग) टीम के साथ मौके पर रहे। एसडीओ ने फीता डालकर जगह-जगह कंपनी नहर और सड़क की पैमाइश भी कराई।
सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण करीब 30 साल से कब्जों में दफन होती आ रही कंपनी नहर को पुनर्जीवित करने के लिए अमर उजाला ने मुहिम चलाई। पांच और छह फरवरी के अंक में नहर पर हुए कब्जों और इसकी पटरी से काटे गए पेड़ों के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खास बात यह रही कि कमिश्नर संजय कुमार ने अमर उजाला की मुहिम को गंभीरता से लेते हुए ना केवल संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब किया, बल्कि खुद ही एसडीएम सदर और विभागीय अधिकारियों को लेकर कंपनी नहर का निरीक्षण करने पहुंच गए। कमिश्नर ने एसडीएम और विभागीय अधिकारियों को तुरंत नहर की पुन: खोदाई कर पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके अनुपालन में शुक्रवार को ही सहायक नगरायुक्त संजय कुमार और एसडीओ (सिंचाई विभाग) संजीव वर्मा अपनी टीमों के साथ कंपनी नहर पर पहुंचे। नगर निगम की जेसीबी लगवाकर कंपनी नहर में डाले गए कचरे को तो साफ कराया ही। साथ ही खोदाई भी कराई।
बिजली, पानी और डीजल बचेगा
कंपनी नहर के पुनर्जीवित होने से कई फायदे होंगे। एक ओर जहां कंपनी बाग की सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों के द्वारा धरती से जो पानी निकाला जा रहा है, वह बंद होगा। वहीं ट्यूबवेलों को चलाने के लिए खर्च होने वाली बिजली और जनरेटर का तेल भी बचेगा। बता दें कि नहर के बंद होने के बाद से कंपनी बाग की सिंचाई के लिए चार ट्यूबवेल लगे हैं, जो कि कंपनी बाग की सिंचाई के लिए नाकाफी हैं।
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उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कंपनी नहर को पुनर्जीवित करने के लिए काम शुरू हो चुका है। पहले चरण में शहर से बाहरी क्षेत्र में नहर और इसकी पटरी आदि की पैमाइश और खोदाई होनी है। दूसरे चरण में शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और खोदाई का काम शुरू होगा।
संजीव वर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
कंपनी नहर में कुछ जगहों पर कचरा पड़ा हुआ था। कमिश्नर के सख्त निर्देश हैं कि नहर की खोदाई से पहले इसमें डले कचरे को भी उठवा लिया जाए। इसलिए शुक्रवार को हमने जेसीबी से इसकी खोदाई कराकर कचरा निकलवाया है।
संजय कुमार, सहायक नगरायुक्त।
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सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण करीब 30 साल से कब्जों में दफन होती आ रही कंपनी नहर को पुनर्जीवित करने के लिए अमर उजाला ने मुहिम चलाई। पांच और छह फरवरी के अंक में नहर पर हुए कब्जों और इसकी पटरी से काटे गए पेड़ों के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खास बात यह रही कि कमिश्नर संजय कुमार ने अमर उजाला की मुहिम को गंभीरता से लेते हुए ना केवल संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब किया, बल्कि खुद ही एसडीएम सदर और विभागीय अधिकारियों को लेकर कंपनी नहर का निरीक्षण करने पहुंच गए। कमिश्नर ने एसडीएम और विभागीय अधिकारियों को तुरंत नहर की पुन: खोदाई कर पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके अनुपालन में शुक्रवार को ही सहायक नगरायुक्त संजय कुमार और एसडीओ (सिंचाई विभाग) संजीव वर्मा अपनी टीमों के साथ कंपनी नहर पर पहुंचे। नगर निगम की जेसीबी लगवाकर कंपनी नहर में डाले गए कचरे को तो साफ कराया ही। साथ ही खोदाई भी कराई।
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बिजली, पानी और डीजल बचेगा
कंपनी नहर के पुनर्जीवित होने से कई फायदे होंगे। एक ओर जहां कंपनी बाग की सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों के द्वारा धरती से जो पानी निकाला जा रहा है, वह बंद होगा। वहीं ट्यूबवेलों को चलाने के लिए खर्च होने वाली बिजली और जनरेटर का तेल भी बचेगा। बता दें कि नहर के बंद होने के बाद से कंपनी बाग की सिंचाई के लिए चार ट्यूबवेल लगे हैं, जो कि कंपनी बाग की सिंचाई के लिए नाकाफी हैं।
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उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कंपनी नहर को पुनर्जीवित करने के लिए काम शुरू हो चुका है। पहले चरण में शहर से बाहरी क्षेत्र में नहर और इसकी पटरी आदि की पैमाइश और खोदाई होनी है। दूसरे चरण में शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और खोदाई का काम शुरू होगा।
संजीव वर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
कंपनी नहर में कुछ जगहों पर कचरा पड़ा हुआ था। कमिश्नर के सख्त निर्देश हैं कि नहर की खोदाई से पहले इसमें डले कचरे को भी उठवा लिया जाए। इसलिए शुक्रवार को हमने जेसीबी से इसकी खोदाई कराकर कचरा निकलवाया है।
संजय कुमार, सहायक नगरायुक्त।

कम्पनी नहर की खुदाई करती जेसीबी- फोटो : SAHARANPUR