{"_id":"5f8dcf518ebc3e1a26444169","slug":"tears-spilled-on-ram-leela-s-exile-in-ramlila-saharanpur-news-mrt506995272","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामलीला में राम वनवास की लीला पर छलके आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामलीला में राम वनवास की लीला पर छलके आंसू
विज्ञापन
नवयुग सेवा समिति केशव नगर के 13 वें राम लीला महोत्सव में लीला का मंचन करते कलाकार
- फोटो : SAHARANPUR
चिलकाना/अंबेहटा/गंगोह। जिले में रविवार रात राम वनवास की लीला का मंचन किया गया जिसमें सभी की आंखों से आंसू छलक पडे़। मंच पर रानी कैकई राजा दशरथ से कहती है मागु मागु पै कहहु पिय कबहुं न देहु न लेहु। देन कहेहु बरदान दुइ तेउ पावत संदेहु। अर्थात हे प्रियतम, आप मांग-मांग तो कहा करते हैं, पर देते-लेते कभी कुछ भी नहीं, आपने दो वरदान देने को कहा था, उनके भी मिलने में संदेह है।
रामलीला कमेटी सुल्तानपुर द्वारा पांचवें दिन की लीला में राम, लक्ष्मण, सीता को वनवास की लीला का मंचन किया गया। दशरथ की भूमिका में बबलू त्यागी, राम की भूमिका में अमित कुमार, लक्ष्मण की भूमिका में पीयूष सैनी, सीता की भूमिका में राय सिंह, मंथरा की भूमिका में बिंदर, कैकई की भूमिका में अरविंद, केवट की भूमिका में ओम कुमार तथा निषादराज की भूमिका में गौतम ने सुंदर अभिनय किया। व्यवस्था में शेरसिंह सैनी, विजय सैनी, राजपाल सैनी, प्रधान प्रकाश चंद सैनी, बीसीराम, सचिव आशु सैनी, गौरव गुप्ता, संजय सैनी, मोहन लाल सैनी, नीतू सैनी, शिव नंदन शर्मा, प्रदीप सैनी, ताराचंद, संटी गुप्ता, जितेंद्र, नील कमल गुप्ता, अंकित जैन, ताराचंद सैनी रहे।
अंबेहटा की श्री रामलीला समिति के तत्वाधान व महादेव संकीर्तन मंडल के कलाकारों धनुष यज्ञ व लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला का सुंदर मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम द्वारा जैसे ही धनुष पर तीर चढ़ाया गया तो वह टूट गया। इसी के साथ पूरा पंडाल प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। राम का अभिनय घनश्याम वर्मा, लक्ष्मण का राजू रूहेला, सीता का सुभाष कश्यप, गुरु विश्वामित्र का रामा कश्यप, राजा जनक का रविंद्र कश्यप, परशुराम का अभिनय हिमांशु शर्मा ने किया। मंच संचालक श्रवण पांचाल व प्राउंटर नरेश गोयल रहे। इस दौरान समिति के प्रधान रविंद्र कश्यप, मनोज वर्मा, सुरेश छलेरिया, रतन पांचाल, अजय सैनी, आलोक मित्तल, अंकुर कश्यप रहे।
विज्ञापन
गंगोह में शिव चौक स्थित पंचायती धर्मशाला में चल रही रामलीला में रविवार रात राम वनवास का मंचन किया गया। माता कौशल्या द्वारा राम से वन न जाने के आग्रह के दृश्य पर दर्शक भाव विभोर हो गए। कौशल्या के रूप में कुमार फौजी ने सशक्त अभिनय किया। दशरथ के रुप में रमेश मित्तल, कैकयी के रूप में राहुल राज अंगार व मंथरा के रूप में नवीन पांचाल ने दर्शकों को बांधे रखा।
विज्ञापन
रामलीला कमेटी सुल्तानपुर द्वारा पांचवें दिन की लीला में राम, लक्ष्मण, सीता को वनवास की लीला का मंचन किया गया। दशरथ की भूमिका में बबलू त्यागी, राम की भूमिका में अमित कुमार, लक्ष्मण की भूमिका में पीयूष सैनी, सीता की भूमिका में राय सिंह, मंथरा की भूमिका में बिंदर, कैकई की भूमिका में अरविंद, केवट की भूमिका में ओम कुमार तथा निषादराज की भूमिका में गौतम ने सुंदर अभिनय किया। व्यवस्था में शेरसिंह सैनी, विजय सैनी, राजपाल सैनी, प्रधान प्रकाश चंद सैनी, बीसीराम, सचिव आशु सैनी, गौरव गुप्ता, संजय सैनी, मोहन लाल सैनी, नीतू सैनी, शिव नंदन शर्मा, प्रदीप सैनी, ताराचंद, संटी गुप्ता, जितेंद्र, नील कमल गुप्ता, अंकित जैन, ताराचंद सैनी रहे।
विज्ञापन
अंबेहटा की श्री रामलीला समिति के तत्वाधान व महादेव संकीर्तन मंडल के कलाकारों धनुष यज्ञ व लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला का सुंदर मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम द्वारा जैसे ही धनुष पर तीर चढ़ाया गया तो वह टूट गया। इसी के साथ पूरा पंडाल प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। राम का अभिनय घनश्याम वर्मा, लक्ष्मण का राजू रूहेला, सीता का सुभाष कश्यप, गुरु विश्वामित्र का रामा कश्यप, राजा जनक का रविंद्र कश्यप, परशुराम का अभिनय हिमांशु शर्मा ने किया। मंच संचालक श्रवण पांचाल व प्राउंटर नरेश गोयल रहे। इस दौरान समिति के प्रधान रविंद्र कश्यप, मनोज वर्मा, सुरेश छलेरिया, रतन पांचाल, अजय सैनी, आलोक मित्तल, अंकुर कश्यप रहे।
विज्ञापन
गंगोह में शिव चौक स्थित पंचायती धर्मशाला में चल रही रामलीला में रविवार रात राम वनवास का मंचन किया गया। माता कौशल्या द्वारा राम से वन न जाने के आग्रह के दृश्य पर दर्शक भाव विभोर हो गए। कौशल्या के रूप में कुमार फौजी ने सशक्त अभिनय किया। दशरथ के रुप में रमेश मित्तल, कैकयी के रूप में राहुल राज अंगार व मंथरा के रूप में नवीन पांचाल ने दर्शकों को बांधे रखा।