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पुरानी पेंशन बहाली के लिए गरजे परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक
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बेसिक शिक्षा भवन पर अपनी मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन करते प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षक
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। पुरानी पेंशन बहाली और संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने सोमवार को शिक्षक भवन पर धरना और प्रदर्शन किया। जिला अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मांग पत्र भेजा, साथ ही स्थानीय स्तर की समस्याओं के निस्तारण के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी ज्ञापन भेजा है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर हुए धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पुंडीर ने कहा कि संगठन लंबे समय से शिक्षकों की मांगों को अलग-अलग माध्यम से सरकार के जिम्मेदार लोगों के समक्ष रखता आ रहा है, लेकिन लगातार उनकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पठन और पाठन का कार्य नहीं, बल्कि सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं और सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों को सफल बनाने में अपना योगदान देते आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी आवाज को अनसुना किया जाना कहीं न कहीं सरकार के द्वारा उनके प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये केे दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर समस्याओं के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री तथा विभागीय स्तर से निस्तारित होने वाली समस्याओं के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भेजा गया है। धरने को जिला मंत्री अरविंद कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. राजीव यादव आदि ने भी संबोधित किया।
यह हैं संगठन की प्रमुख मांग
-पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
-शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का स्थायीकरण किया जाए।
-राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से शिक्षक विरोधी प्रावधानों पर काम के लिए अलग से स्टाफ भर्ती किया जाए।
-सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश भर में लागू किया जाए।
-अन्य जनपदों से स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों के वेतन एरियर का भुगतान किया जाए।
-शिक्षकों की ग्रेच्युटी पेंशन कार्यालय से शीघ्र स्वीकृत किया जाए।
-सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन/ग्रेच्युटी व नकदीकरण का समय से भुगताना किया जाए।
-विकास क्षेत्रों में निरीक्षण के नाम पर कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को बंद किया जाए।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर हुए धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पुंडीर ने कहा कि संगठन लंबे समय से शिक्षकों की मांगों को अलग-अलग माध्यम से सरकार के जिम्मेदार लोगों के समक्ष रखता आ रहा है, लेकिन लगातार उनकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पठन और पाठन का कार्य नहीं, बल्कि सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं और सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों को सफल बनाने में अपना योगदान देते आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी आवाज को अनसुना किया जाना कहीं न कहीं सरकार के द्वारा उनके प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये केे दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर समस्याओं के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री तथा विभागीय स्तर से निस्तारित होने वाली समस्याओं के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन भेजा गया है। धरने को जिला मंत्री अरविंद कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. राजीव यादव आदि ने भी संबोधित किया।
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यह हैं संगठन की प्रमुख मांग
-पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
-शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का स्थायीकरण किया जाए।
-राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से शिक्षक विरोधी प्रावधानों पर काम के लिए अलग से स्टाफ भर्ती किया जाए।
-सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश भर में लागू किया जाए।
-अन्य जनपदों से स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों के वेतन एरियर का भुगतान किया जाए।
-शिक्षकों की ग्रेच्युटी पेंशन कार्यालय से शीघ्र स्वीकृत किया जाए।
-सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन/ग्रेच्युटी व नकदीकरण का समय से भुगताना किया जाए।
-विकास क्षेत्रों में निरीक्षण के नाम पर कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को बंद किया जाए।