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किसी का निशाना चूका, किसी का कारतूस फुस्स
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:01 AM IST
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शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया के लिए सोमवार को दूसरी बार फायरिंग टेस्टिंग कैंप लगाया गया। पिछले कैंप में टेस्टिंग से वंचित रह गए 300 शस्त्रधारकों को बुलाया गया था लेकिन जानकारी के अभाव सहित अन्य कारणों से महज 50 शस्त्रधारक ही फायरिंग रेंज तक पहुंचे।
इनमें भी अधिकतर ऐसे रहे जिनका तो या निशाना चूक गया या फिर ऐन मौके पर कारतूस ही फुस्स हो गए। ऐसे शस्त्रधारकों से दूसरे कारतूसों के साथ दोबारा टेस्टिंग करानी पड़ी।
सोमवार को सहारनपुर गंगोह रोड पर कुम्हारहेड़ा स्थित फायरिंग रेंज के पास यह फायरिंग टेस्ट कराया गया। सुबह दस बजे से शुरू हुए कैंप में दोपहर तक तो एक भी शस्त्रधारक नहीं पहुंचा था जबकि इससे पहले इसी जगह पर लगाए गए फायरिंग कैंप में इतनी भीड़ उमड़ आई थी कि चार चार काउंटर और अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी थी।
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जनपद के सदर, रामपुर मनिहारान, देवबंद, नकुड़ और बेहट तहसीलों से लगभग 300 शस्त्रधारकों को टेस्टिंग के लिए बुलाया गया। शाम तक कैंप लगने पर भी 50 शस्त्रधारक ही आ पाए। इसमें देवबंद तहसील का हाल सबसे खराब रहां। यहां से तो इक्का दुक्का ही पहुंचा।
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इनमें भी अधिकतर ऐसे रहे जिनका तो या निशाना चूक गया या फिर ऐन मौके पर कारतूस ही फुस्स हो गए। ऐसे शस्त्रधारकों से दूसरे कारतूसों के साथ दोबारा टेस्टिंग करानी पड़ी।
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सोमवार को सहारनपुर गंगोह रोड पर कुम्हारहेड़ा स्थित फायरिंग रेंज के पास यह फायरिंग टेस्ट कराया गया। सुबह दस बजे से शुरू हुए कैंप में दोपहर तक तो एक भी शस्त्रधारक नहीं पहुंचा था जबकि इससे पहले इसी जगह पर लगाए गए फायरिंग कैंप में इतनी भीड़ उमड़ आई थी कि चार चार काउंटर और अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी थी।
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जनपद के सदर, रामपुर मनिहारान, देवबंद, नकुड़ और बेहट तहसीलों से लगभग 300 शस्त्रधारकों को टेस्टिंग के लिए बुलाया गया। शाम तक कैंप लगने पर भी 50 शस्त्रधारक ही आ पाए। इसमें देवबंद तहसील का हाल सबसे खराब रहां। यहां से तो इक्का दुक्का ही पहुंचा।