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80 लाख से ज्यादा का ट्रांजेक्शन फ्रीज कराया
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- हवाला कारोबारी अमित सोनी से जुड़े हैं ट्रांजेक्शन के लिंक
- आनलाइन करोड़ों की ठगी के मामले में हो रही कार्रवाई
- अब आर्थिक अपराध शाखा खंगालेगी बड़े गोलमाल का नेटवर्क
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। करोड़ों रुपये की आनलाइन ठगी के मामले में करीब 80 लाख रुपये की रकम से जुड़े ट्रांजेक्शन को फ्रीज कराया गया है। इससे पहले करीब 53 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन वाले खातों को फ्रीज कराया गया था। बताया जा रहा है कि इस ट्रांजेक्शन का लिंक हवाला कारोबारी और इस कांड के गैंग लीडर माने जा रहे अमित सोनी से ही जुड़ा हुआ है। वहीं, बड़े स्तर का आर्थिक गोलमाल होने के कारण इस नेटवर्क को अब आर्थिक अपराध शाखा (आईओडब्ल्यू) खंगालेगी। इसके लिए आईओडब्ल्यू मेरठ की टीम को प्रकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज सौंपे जाएंगे।
नगर कोतवाली पुलिस ने दो नेपाली नागरिकों के साथ 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर आनलाइन ठगी के बड़े गिरोह खुलासा किया था। उस समय नगर कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीमें ही इसकी जांच कर रही थीं, लेकिन बाद में पांच नवंबर को एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने एएसपी अर्पित विजयवर्गीय की अगुवाई में जिला स्तर पर एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी गठित होने के बाद ही दो नेपाली नागरिकों पदम और भानू को रिमांड पर लिया गया और उन्हें दिल्ली उस जगह पर भी ले जाया गया जहां अमित सोनी के फ्लैट में रहते रहे।
जांच टीम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नेपाली नागरिकों से पूछताछ और अन्य तथ्यों के आधार पर ही 80 लाख रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन और फ्रीज कराया गया है। इसके अलावा ऐसे ही अन्य संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता लगाया जा रहा है। एएसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि इस गिरोह और इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों की जांच अभी जारी है। कई स्तर पर विवेचना चल रही है और टीमें अलग-अलग फ्रेमवर्क कर रही हैं।
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--- वर्जन ---
- आनलाइन ठगी के गिरोह के जल्द खुलासे और आर्थिक गतिविधियों की बेहतर पड़ताल के लिए आर्थिक अपराध शाखा नेटवर्क को खंगालेगी। अपर पुलिस महानिदेशक (लोक शिकायत) तनुजा श्रीवास्तव के आदेश के बाद जरूरी दस्तावेज आईओडब्ल्यू को ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
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- आनलाइन करोड़ों की ठगी के मामले में हो रही कार्रवाई
- अब आर्थिक अपराध शाखा खंगालेगी बड़े गोलमाल का नेटवर्क
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। करोड़ों रुपये की आनलाइन ठगी के मामले में करीब 80 लाख रुपये की रकम से जुड़े ट्रांजेक्शन को फ्रीज कराया गया है। इससे पहले करीब 53 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन वाले खातों को फ्रीज कराया गया था। बताया जा रहा है कि इस ट्रांजेक्शन का लिंक हवाला कारोबारी और इस कांड के गैंग लीडर माने जा रहे अमित सोनी से ही जुड़ा हुआ है। वहीं, बड़े स्तर का आर्थिक गोलमाल होने के कारण इस नेटवर्क को अब आर्थिक अपराध शाखा (आईओडब्ल्यू) खंगालेगी। इसके लिए आईओडब्ल्यू मेरठ की टीम को प्रकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज सौंपे जाएंगे।
नगर कोतवाली पुलिस ने दो नेपाली नागरिकों के साथ 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर आनलाइन ठगी के बड़े गिरोह खुलासा किया था। उस समय नगर कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीमें ही इसकी जांच कर रही थीं, लेकिन बाद में पांच नवंबर को एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने एएसपी अर्पित विजयवर्गीय की अगुवाई में जिला स्तर पर एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी गठित होने के बाद ही दो नेपाली नागरिकों पदम और भानू को रिमांड पर लिया गया और उन्हें दिल्ली उस जगह पर भी ले जाया गया जहां अमित सोनी के फ्लैट में रहते रहे।
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जांच टीम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नेपाली नागरिकों से पूछताछ और अन्य तथ्यों के आधार पर ही 80 लाख रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन और फ्रीज कराया गया है। इसके अलावा ऐसे ही अन्य संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता लगाया जा रहा है। एएसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि इस गिरोह और इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों की जांच अभी जारी है। कई स्तर पर विवेचना चल रही है और टीमें अलग-अलग फ्रेमवर्क कर रही हैं।
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- आनलाइन ठगी के गिरोह के जल्द खुलासे और आर्थिक गतिविधियों की बेहतर पड़ताल के लिए आर्थिक अपराध शाखा नेटवर्क को खंगालेगी। अपर पुलिस महानिदेशक (लोक शिकायत) तनुजा श्रीवास्तव के आदेश के बाद जरूरी दस्तावेज आईओडब्ल्यू को ट्रांसफर किए जा रहे हैं।