{"_id":"638f8f3f7afc9570431c02e5","slug":"swami-dipankar-maharaj-asked-for-alms-of-nation-first-then-cast-saharanpur-news-mrt616679828","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: स्वामी दीपांकर महाराज ने मांगी पहले राष्ट्र फिर कास्ट की भिक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: स्वामी दीपांकर महाराज ने मांगी पहले राष्ट्र फिर कास्ट की भिक्षा
विज्ञापन
दीपांकर महाराज का माला पहनाकर स्वागत करते आयोजक
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरसावा (सहारनपुर)। आध्यात्मिक गुरु दीपांकर महाराज ने कहा कि हिंदुस्तान में हिंदू समाज को जातियों में बांट कर कमजोर करने की साजिश चल रही है। वे अपनी भिक्षा में जनता से पहले राष्ट्र फिर कास्ट, नशे के विरुद्ध एक युद्ध तथा देवबंद को देववृंद कहने की भिक्षा मांगते हैं।
मंगलवार को सांवरिया एंक्लेव कॉलोनी में भिक्षा यात्रा कार्यक्रम में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय ध्यानगुरु दीपांकर जी महाराज ने कहा कि उनकी यह यात्रा किसी धन दौलत यश वैभव अथवा अन्य किसी कारण से नहीं है। वे भिक्षा यात्रा में हिंदू समाज से एक होने की भिक्षा मांग रहे हैं। आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि जिस प्रकार सरदार पटेल ने विभाजन के उपरांत पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरो दिया था समय आ गया है कि हिंदू समाज भी उसी तरह एक सूत्र में हो जाए। दीपांकर जी महाराज ने कहा कि 2011 की जनगणना हिंदू समाज को बांटने की एक साजिश थी, जिसमें हिंदू समाज की जनसंख्या का वर्गीकरण कर बताया गया की कितने दलित हैं कितने पिछड़े हैं अथवा कितने सामान्य, जबकि मुस्लिम समाज के सभी फिरकों को केवल मुस्लिम के नाम से जाना जाता है।
आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि सिंधु में हिंदू मतलब केंद्र बिंदु। इसीलिए पहले राष्ट्र फिर कास्ट। हिंदू समाज को चाहिए कि जातियों में न बंटकर हिंदू रहें एक रहें। दीपंकर महाराज ने कहा कि आज वे सरसावा में जनसमूह से तीन भिक्षा मांगते हैं। सबसे पहली है पहले राष्ट्र फिर कास्ट, दूसरी भिक्षा है नशे के विरुद्ध एक युद्ध तथा तीसरी भिक्षा देवबंद को देववृंद कहने की है क्योंकि देववृंद का अर्थ है, जहां देवता विचरण करते हों, लेकिन अपभ्रंश कर इसको देवबंद कर दिया गया जो पूरी तरह गलत है। इससे पहले आयोजकों ने दीपांकर जी महाराज का पुष्पहार तथा पगड़ी पहना एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को सांवरिया एंक्लेव कॉलोनी में भिक्षा यात्रा कार्यक्रम में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय ध्यानगुरु दीपांकर जी महाराज ने कहा कि उनकी यह यात्रा किसी धन दौलत यश वैभव अथवा अन्य किसी कारण से नहीं है। वे भिक्षा यात्रा में हिंदू समाज से एक होने की भिक्षा मांग रहे हैं। आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि जिस प्रकार सरदार पटेल ने विभाजन के उपरांत पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरो दिया था समय आ गया है कि हिंदू समाज भी उसी तरह एक सूत्र में हो जाए। दीपांकर जी महाराज ने कहा कि 2011 की जनगणना हिंदू समाज को बांटने की एक साजिश थी, जिसमें हिंदू समाज की जनसंख्या का वर्गीकरण कर बताया गया की कितने दलित हैं कितने पिछड़े हैं अथवा कितने सामान्य, जबकि मुस्लिम समाज के सभी फिरकों को केवल मुस्लिम के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन
आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि सिंधु में हिंदू मतलब केंद्र बिंदु। इसीलिए पहले राष्ट्र फिर कास्ट। हिंदू समाज को चाहिए कि जातियों में न बंटकर हिंदू रहें एक रहें। दीपंकर महाराज ने कहा कि आज वे सरसावा में जनसमूह से तीन भिक्षा मांगते हैं। सबसे पहली है पहले राष्ट्र फिर कास्ट, दूसरी भिक्षा है नशे के विरुद्ध एक युद्ध तथा तीसरी भिक्षा देवबंद को देववृंद कहने की है क्योंकि देववृंद का अर्थ है, जहां देवता विचरण करते हों, लेकिन अपभ्रंश कर इसको देवबंद कर दिया गया जो पूरी तरह गलत है। इससे पहले आयोजकों ने दीपांकर जी महाराज का पुष्पहार तथा पगड़ी पहना एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।

सरसावा में कार्यक्रम को संबोधित करते दीपांकर महाराज- फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन