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सहारनपुर: किसानों के 2774 करोड़ रुपये दबाए बैठी मंडल की शुगर मिलें
Tue, 14 Jul 2020 12:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2020 12:55 AM IST
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चीनी मिल
- फोटो : अमर उजाला
शुगर मिलों में पेराई सत्र समाप्त होने के करीब दो महीने बाद भी किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। मंडल के किसानों के 17 चीनी मिलों पर अभी भी करीब 2774 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके चलते किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। बकाया भुगतान नहीं होने से किसानों में रोष है।
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शासन-प्रशासन के तमाम प्रयास भी किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रहे हैं। इसके चलते मंडल के करीब 4.60 लाख गन्ना किसानों के चीनी मिलों पर 2774 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं।
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गन्ना क्रय अधिनियम के तहत मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के भीतर मूल्य का भुगतान करने का नियम है। इसके बाद भुगतान करने वाली मिलों से बकाया पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज दिलाने का प्रावधान है।
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इसके बावजूद शुगर मिलें न तो समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान करती हैं और न ही बकाया पर ब्याज देती हैं। भुगतान नहीं होने से किसान अगली फसल में लागत लगाने में भी आर्थिक संकट से जूझता है।
वहीं, उप गन्ना आयुक्त डा. दिनेश्वर मिश्र का कहना है कि मंडल की सभी शुगर मिलें बेची गई चीनी और अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि के 85 प्रतिशत का उपयोग बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए कर रही हैं। चीनी मिलों पर शीघ्र भुगतान के लिए दबाव भी बनाया गया है।
मंडल में बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति
जनपद--------------बकाया
सहारनपुर----------74400 लाख रुपये
मुजफ्फरनगर-----124542 लाख रुपये
शामली-------------78488 लाख रुपये