फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Students will have to wait till November for books

किताबों के लिए विद्यार्थियों को नवंबर तक करना होगा इंतजार

Sat, 10 Sep 2022 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 11:33 PM IST
विज्ञापन
Students will have to wait till November for books
सहारनपुर। बेसिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में पढ़ने वाले आठवीं तक के विद्यार्थियों को किताबों के लिए नवंबर तक इंतजार करना होगा। हालांकि जनपद में किताबें करीब दो माह पहले से आना शुरू हो गई थी, लेकिन 17 लाख किताबों में से अभी तक करीब पांच लाख ही किताबें आई हैं।
विज्ञापन

जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित 1438 विद्यालय हैं, जिनमें 2.22 लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन सभी विद्यार्थियों को शासन की ओर से किताबें मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं। इनके अलावा माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित राजकीय माध्यमिक विद्यालय करीब 60 हैं। इनके अलावा 81 एडेड माध्यमिक विद्यालय हैं। इन 141 विद्यालयों के आठवीं तक के विद्यार्थियों को भी बेसिक शिक्षा विभाग के द्वारा ही किताबें मुहैया कराई जाती हैं। सत्र एक अप्रैल से संचालित होता है, लेकिन इस बार पांच महीने बाद किताबें मिलना शुरू र्हुइं। जनपद में 17 लाख किताबें आनी हैं, जिनमें से अभी तक करीब पांच लाख ही किताबें आई हैं, जिनको ब्लॉक स्तर पर भेजकर विद्यालयों में पहुंचाया जा रहा है। उम्मीद थी कि यदि डेढ़ माह में पांच लाख किताबें आ गई हैं तो शेष 12 लाख किताबें भी अगले दो माह में आ ही जाएंगी। जिला समन्वयक कृपाल मलिक ने बताया कि किताबें थोड़ी-थोड़ी कर आ रही हैं, जो नवंबर माह तक आएंगी। यानी नवंबर माह तक विद्यार्थियों को आधी अधूरी किताबों के साथ ही पढ़ाई जारी रखनी होगी।
विज्ञापन

कागज महंगा होना बना बहाना
किताबें देरी से आने के लिए कागज की महंगाई को जिम्मेदार माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस बार कागज के दाम बढ़े हैं, जिसकी वजह से बाजार में बिकने वाली किताबों के दाम में भी वृद्धि हुई है। कागज महंगा होने के ही कारण सरकार पर भी आर्थिक भार बढ़ा है। यही वजह है कि अभी तक प्रदेश के किसी भी जनपद में शत प्रतिशत किताबें नहीं पहुंची हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed