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Saharanpur News: रपटे के पानी से जान जोखिम में डाल गुजर रहे छात्र-छात्राएं
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पुरानी यमुना नदी के मंझाडी रसूलपुर मार्ग पर रपटे से नदी पार करते छात्र-छात्राएं। श्रोत-वीडियो
फोटो समाचार
साढ़ौली कदीम। विकास खंड के रसूलपुर मंझाड़ी मार्ग पर पुरानी यमुना नदी में पानी के चलते छात्र-छात्राओं एवं राहगीरों को जान जोखिम में डालकर रपटे से नदी पार करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के गांव मंझाड़ी, शेखपुरा, टटोहल, धौलरा, मिल्को आदि से छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डाल रपटे से होकर क्षेत्र के गांव कम्बोह मजरा के यमुना खादर इंटर कॉलेज में पढ़ने जाते हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि पुरानी यमुना नदी में नियमित ही पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की मात्रा इतनी अधिक है कि रपटे के ऊपर से लगातार एक फीट से भी ज्यादा पानी बह रहा है। ऐसे में उन्हें पुल मार्ग से स्कूल जाने में कई घंटे का समय लगता है। समय पर स्कूल पहुंचने के लिए उन्हें मजबूरी में रपटे से गुजरना पड़ता है। छात्र-छात्राओं की रपटे से गुजरने की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। छात्रों का कहना है कि उक्त नदी में केवल रात्रि के समय पानी छोड़ा जाना चाहिए, दिन के समय में पानी छोड़ने से उन्हें नदी पार करने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। क्षेत्रीय ग्रामीण उक्त मार्ग पर वर्षों से पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं।
गत शनिवार को एसडीएम बेहट दीपक कुमार ने रपटे पर पहुंच मौके का जायजा लेते हुए रपटे पर छात्र-छात्राओं को नदी पार कराने के लिए नियमित टैक्ट्रर-ट्राॅली, पुलिस कर्मी व लेखपाल को तैनात रहने के आदेश जारी किए थे, लेकिन नदी के उक्त घाट पर प्रशासन के दावे हवाई साबित होते नजर आ रहे हैं। अभी भी छात्र-छात्राओं को पूर्व की भांति नदी के रपटे पर पानी से गुजरना पड़ रहा है।
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साढ़ौली कदीम। विकास खंड के रसूलपुर मंझाड़ी मार्ग पर पुरानी यमुना नदी में पानी के चलते छात्र-छात्राओं एवं राहगीरों को जान जोखिम में डालकर रपटे से नदी पार करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के गांव मंझाड़ी, शेखपुरा, टटोहल, धौलरा, मिल्को आदि से छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डाल रपटे से होकर क्षेत्र के गांव कम्बोह मजरा के यमुना खादर इंटर कॉलेज में पढ़ने जाते हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि पुरानी यमुना नदी में नियमित ही पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की मात्रा इतनी अधिक है कि रपटे के ऊपर से लगातार एक फीट से भी ज्यादा पानी बह रहा है। ऐसे में उन्हें पुल मार्ग से स्कूल जाने में कई घंटे का समय लगता है। समय पर स्कूल पहुंचने के लिए उन्हें मजबूरी में रपटे से गुजरना पड़ता है। छात्र-छात्राओं की रपटे से गुजरने की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। छात्रों का कहना है कि उक्त नदी में केवल रात्रि के समय पानी छोड़ा जाना चाहिए, दिन के समय में पानी छोड़ने से उन्हें नदी पार करने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। क्षेत्रीय ग्रामीण उक्त मार्ग पर वर्षों से पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं।
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गत शनिवार को एसडीएम बेहट दीपक कुमार ने रपटे पर पहुंच मौके का जायजा लेते हुए रपटे पर छात्र-छात्राओं को नदी पार कराने के लिए नियमित टैक्ट्रर-ट्राॅली, पुलिस कर्मी व लेखपाल को तैनात रहने के आदेश जारी किए थे, लेकिन नदी के उक्त घाट पर प्रशासन के दावे हवाई साबित होते नजर आ रहे हैं। अभी भी छात्र-छात्राओं को पूर्व की भांति नदी के रपटे पर पानी से गुजरना पड़ रहा है।
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