फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Students are forced to study in a dilapidated building

जर्जर इमारत में पढ़ने के लिए मजबूर हैं छात्राएं

Thu, 01 Dec 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Thu, 01 Dec 2016 12:32 AM IST
विज्ञापन
Students are forced to study in a dilapidated building
काॅलेज की जर्जर हालत। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में  केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार शिक्षा में सुधार के बड़े बड़े दावे कर रही है। मगर, हकीकत यह है कि नन्हे मुन्नें बच्चे जान हथेली पर रखकर पढ़ाई करने को मजबूर है।
विज्ञापन


शहर के नवाब गंज चौक स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की इमारत पूरी तरह जर्जर हालत में है। लेकिन विभाग की ओर से आज तक इसकी सुध नहीं ली गई। स्कूल की जर्जर इमारत कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। 
विज्ञापन


शहर के नवाबगंज चौक स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में है। भवन की जर्जर हालत को देखते हुए कक्षा छह से बारह तक की छात्राओं को स्कूल के नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन कक्षा एक से पांच तक की छात्राएं इसी खस्ताहाल भवन में पड़ने को मजबूर है। स्कूल की हालत पर नजर डालें तो यहां की इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कमरों की छतों से पानी टपकता है।

ऐसे में छात्राएं कक्षों के बाहर बैठकर ही पढ़ाई करती है। अभिभावक स्कूल प्रशासन से कई बार मुलाकात कर छात्राओं को दूसरे भवन में शिफ्ट करने की मांग कर चुके है।


लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते छात्राएं जर्जर इमारत में ही पढ़ाई करने को मजबूर है।  वर्षों साल पहले जर्जर हो चुके इमारत में हादसों का खतरा मंडराने लगा है। इमारत इतनी खराब हो चुकी है कि वह किसी भी वक्त धराशायी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed