{"_id":"58e3ebe14f1c1b00705b50a4","slug":"speaking-of-women-at-liquor-shops","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब की दुकानों पर महिलाओं का हल्ला बोल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब की दुकानों पर महिलाओं का हल्ला बोल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 05 Apr 2017 02:02 PM IST
विज्ञापन
पुलिस से उलझती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के ग्राम फतेहपुर जट में शराब की दुकान से परेशान लोगों के सब्र का बांध उस समय टूट गया जब गांव में शराब की एक और दुकान खुल गई। आक्रोशित महिलाओं ने डंडे लेकर शराब की दोनों दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की और दुकानों को आग के हवाले कर दिया।
आरोप है कि कर्मचारियों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। इस मामले में ठेका संचालक ने गांव के लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। ग्राम फतेहपुर जट में शराब की एक दुकान पहले से ही थी।
जिससे गांव की महिलाएं काफी परेशान थीं। महिलाएं काफी समय से इस दुकान का विरोध कर रहीं थीं। शासन के हाईवे से शराब के ठेके हटाने के आदेश के बाद सड़क किनारे से एक ठेका हटाकर ग्राम फतेहपुर में उसी दुकान के पास खोल दिया गया।
विज्ञापन
एक और शराब का ठेका खुल जाने से महिलाएं भड़क उठीं। मंगलवार को गांव की महिलाएं लाठी, डंडे लेकर कुछ लोगों के साथ दोनों ठेकों पर पहुंची और दुकानों पर हमला बोल दिया।
दोनों दुकानों में रखी शराब की बोतलें तोड़ डालीं, फर्नीचर तोड़ डाला और उसके बाद उनमें आग लगा दिया। ठेके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि आक्रोशित लोगों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की।
लोगों का आक्रोश देख ठेका कर्मचारी सब कुछ छोड़कर भाग खड़े हुए। आरोप है कि लोगों ने दोनों ठेकों को आग के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने गांव में शराब का ठेका खुलने देने से इंकार कर दिया।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब ने लोगों के घर बर्बाद कर डाले हैं। महिलाओं और युवतियों का गांव की सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं। युवा भी शराब के नशे में रहने लगे।
कई परिवार तो कंगाली की हालत में पहुंच गए हैं, जबकि उनके घर चलाने वाला शराब के नशे में धुत रहता है, महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं। शराब ने गांव की हालत खराब कर दी है। ठेकों को गांव में नहीं खुलने दिया जाएगा।
इस दौरान कई महिलाओं को भी चोटें आईं। इस मामले में ठेका कर्मचारी नवीन जोशी ने गांव के कुछ लोगों पर कर्मचारियों के साथ मारपीट, तोड़फोड़, लूटपाट और आग लगाने का आरोप लगाते हुए सदर बाजार कोतवाली में तहरीर दी है।
जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि गांव में एक दुकान तो 14 साल से चल रही है। यहां एक शराब माफिया है, जिसे कई बार पकड़ा है। उसने माहौल का फायदा उठाने के लिए कुछ लोगों को भड़का कर तोड़फोड़ और लूटपाट कराई है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
ठेका का लाइसेंस निरस्त कराने की मांग ः सहारनपुर। ग्राम सांवलपुर नवादा के लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शराब का ठेका बंद कराए जाने की मांग की है।
ग्राम सांवलपुर नवादा के दर्जनों लोग एकत्रित होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने डीएम से सांवलपुर नवादा और फतेहपुर के बीच स्थित शराब का ठेका बंद कराने की मांग की।
लोगों ने कहा कि उस ठेके के पास से पांच-छह गांव के लड़के, लड़कियां गुजरती हैं। जिससे उन्हें काफी दिक्कत होती है। शराब पीकर लोग वहां से गुजरने वाली लड़कियों से छेड़छाड़ करते हैं, कुछ लोग शराब पीकर बच्चों एवं महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं।
लोगों ने आरोप लगाया कि मंगलवार को गांव के लोग ठेका बंद कराने के लिए गए तो वहां कुछ लोग लाठी, डंडे एवं बल्लम लेकर आए और गांव के लोगों, महिलाओं पर हमला कर दिया। जिससे कई लोगों को चोटें आईं हैं।
लोगों ने ठेका बंद कराकर लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। मांग करने वालों में रामकुमार उपाध्याय, अशोक, आनंद, अभिजीत, युवराज, शुभम, शेरा, नीतू, मुनेश, राजेश, दीपा, गीता, विमलेश, बबिता, संयोजिता, कैला, कमला, ऊषा, बालेश, पूजा, उर्मिला, सरिता, कौशल, नीलम, अनु, मेघा, काजल, पूनम, वंशिका, रूमा, पिंकी, सुरेशो, चंद्रो, सत्तो, सुशीला, बिंदू, प्रेमा, लता, सुनीता, रामदेई, रामो, राजो, शिमला, अंग्रेजो, चंद्र किरण शामिल रहीं।
विज्ञापन
आरोप है कि कर्मचारियों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। इस मामले में ठेका संचालक ने गांव के लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। ग्राम फतेहपुर जट में शराब की एक दुकान पहले से ही थी।
विज्ञापन
जिससे गांव की महिलाएं काफी परेशान थीं। महिलाएं काफी समय से इस दुकान का विरोध कर रहीं थीं। शासन के हाईवे से शराब के ठेके हटाने के आदेश के बाद सड़क किनारे से एक ठेका हटाकर ग्राम फतेहपुर में उसी दुकान के पास खोल दिया गया।
विज्ञापन
एक और शराब का ठेका खुल जाने से महिलाएं भड़क उठीं। मंगलवार को गांव की महिलाएं लाठी, डंडे लेकर कुछ लोगों के साथ दोनों ठेकों पर पहुंची और दुकानों पर हमला बोल दिया।
दोनों दुकानों में रखी शराब की बोतलें तोड़ डालीं, फर्नीचर तोड़ डाला और उसके बाद उनमें आग लगा दिया। ठेके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि आक्रोशित लोगों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की।
लोगों का आक्रोश देख ठेका कर्मचारी सब कुछ छोड़कर भाग खड़े हुए। आरोप है कि लोगों ने दोनों ठेकों को आग के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने गांव में शराब का ठेका खुलने देने से इंकार कर दिया।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब ने लोगों के घर बर्बाद कर डाले हैं। महिलाओं और युवतियों का गांव की सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं। युवा भी शराब के नशे में रहने लगे।
कई परिवार तो कंगाली की हालत में पहुंच गए हैं, जबकि उनके घर चलाने वाला शराब के नशे में धुत रहता है, महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं। शराब ने गांव की हालत खराब कर दी है। ठेकों को गांव में नहीं खुलने दिया जाएगा।
इस दौरान कई महिलाओं को भी चोटें आईं। इस मामले में ठेका कर्मचारी नवीन जोशी ने गांव के कुछ लोगों पर कर्मचारियों के साथ मारपीट, तोड़फोड़, लूटपाट और आग लगाने का आरोप लगाते हुए सदर बाजार कोतवाली में तहरीर दी है।
जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि गांव में एक दुकान तो 14 साल से चल रही है। यहां एक शराब माफिया है, जिसे कई बार पकड़ा है। उसने माहौल का फायदा उठाने के लिए कुछ लोगों को भड़का कर तोड़फोड़ और लूटपाट कराई है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
ठेका का लाइसेंस निरस्त कराने की मांग ः सहारनपुर। ग्राम सांवलपुर नवादा के लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शराब का ठेका बंद कराए जाने की मांग की है।
ग्राम सांवलपुर नवादा के दर्जनों लोग एकत्रित होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने डीएम से सांवलपुर नवादा और फतेहपुर के बीच स्थित शराब का ठेका बंद कराने की मांग की।
लोगों ने कहा कि उस ठेके के पास से पांच-छह गांव के लड़के, लड़कियां गुजरती हैं। जिससे उन्हें काफी दिक्कत होती है। शराब पीकर लोग वहां से गुजरने वाली लड़कियों से छेड़छाड़ करते हैं, कुछ लोग शराब पीकर बच्चों एवं महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं।
लोगों ने आरोप लगाया कि मंगलवार को गांव के लोग ठेका बंद कराने के लिए गए तो वहां कुछ लोग लाठी, डंडे एवं बल्लम लेकर आए और गांव के लोगों, महिलाओं पर हमला कर दिया। जिससे कई लोगों को चोटें आईं हैं।
लोगों ने ठेका बंद कराकर लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। मांग करने वालों में रामकुमार उपाध्याय, अशोक, आनंद, अभिजीत, युवराज, शुभम, शेरा, नीतू, मुनेश, राजेश, दीपा, गीता, विमलेश, बबिता, संयोजिता, कैला, कमला, ऊषा, बालेश, पूजा, उर्मिला, सरिता, कौशल, नीलम, अनु, मेघा, काजल, पूनम, वंशिका, रूमा, पिंकी, सुरेशो, चंद्रो, सत्तो, सुशीला, बिंदू, प्रेमा, लता, सुनीता, रामदेई, रामो, राजो, शिमला, अंग्रेजो, चंद्र किरण शामिल रहीं।