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हरियाणा-उत्तराखंड के शिकारियों से तस्करों की साठगांठ उजागर

Tue, 07 Jan 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2020 11:33 PM IST
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Smugglers' nexus exposed with hunters of Haryana-Uttarakhand
हरियाणा-उत्तराखंड के शिकारियों से तस्करों की साठगांठ उजागर
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सहारनपुर। सहारनपुर के वन और उससे लगे क्षेत्रों में हरियाणा, उत्तराखंड में शिकारियों और तस्करों की निगाह है। हरियाणा और उत्तराखंड में सक्रिय शिकारी गिरोह सहारनपुर के स्थानीय घुमंतू प्रवृति के लोगों से साठगांठ करके वन्य जीवों की टोह लेकर शिकार या तस्करी करते हैं। फिर वन्य जीव और उनके अंगों को वन्य जीव गिरोह को बेचते हैं। देवबंद में तेंदुए की खाल के साथ पकड़े गए तीनों तस्करों ने भी बताया कि वे उत्तराखंड के देहरादून से खाल लेकर आएं हैं। यह इस बात को और पुख्ता करता है कि हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के सहारनपुर से जुड़े वन्य जीव तस्करों के बीच साठगांठ है।
फरवरी 2018 में सहारनपुर में पुलिस और वन विभाग ने अंतरराज्यीय वन्य जीव तस्करों को यमुना खादर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। ये तस्कर हरियाणा राज्य के करनाल के रहने वाले हैं। गिरफ्तार शिकारी और तस्करों के पास से 10 बड़े शिकार वाले जाल, तीन मछली पकड़ने वाले जाल, फंदा लगाने वाला तार और छह बाइक बरामद कीं। इसके अलावा कछुओं की तस्करी भी सहारनपुर क्षेत्र के जंगल से लगती नदियों के किनारे की जा रही थी। इस मामले में भी हरियाणा के थाना इंद्री के गांव बीबीपुर हलवाना निवासी जगजीत, कर्म सिंह, जग सिंह, शिव राज, जरनैल और पाल सिंह को गिरफ्तार किया गया था। 30 जनवरी 2019 को तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनके पास से मृत और जिंदा दुर्लभ प्रजाति के कछुए बरामद हुए थे। पुलिस ने इनसे एक गीदड़, दो पटरा गोय, एक खरगोश, दो बिज्जू, एक जंगली बिल्ली बरामद की थी। ये कार्रवाई सहारनपुर के इस्लाम नगर रोड पर पुलिस ने की थी। 23 सितंबर 2018 को सरसावा में वन्य जीव तस्करी में दो आरोपियों को पकड़ा गया। इनके पास से दुर्लभ माने जाने वाले दो सांप मिले थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने दोनों सांप ढाई लाख रुपये में एक दलाल से खरीदे थे और अब इन्हें बेचने की तैयारी कर रहे थे। आरोपी जाबिर और इस्तखार निवासी ग्राम समसपुर थाना सरसावा को वन्य जीव संरक्षण कानून की धाराओं में जेल भेजा गया।
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29 मई 2016 को सहारनपुर के बेहट में आरक्षित वन क्षेत्र में शिकार करने के बाद वन्य जीव का मांस बोलेरो में लेकर आ रहे दो शिकारियों को मिर्जापुर थाने के तीन पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया। मगर, असलहों से लैस बाकी आरोपी भाग निकले। पांचों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में वन विभाग और पुलिस की टीम ने बोलेरो कार की तलाशी लेकर उसे घेरा और एक बंदूक, 12 बोर के आठ कारतूस, दस खोखे, चार छुरी और 50 किलो वन्य जीव का मांस बरामद किया था। पकड़े गए आरोपी हाजी राहिल पुत्र जमशेद खान निवासी पिलखन तला, बिलाल पुत्र सुल्तान लुहार निवासी याहया शाह कोतवाली मंडी सहारनपुर हैं। फरार आरोपियों में शादाब पुत्र मोहम्मद मुस्तफा, दिलशाद पुत्र शमशेर और मुनीर पुत्र जाऊद्दीन निवासीगण याहया शाह कोतवाली मंडी सहारनपुर के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके अलावा नगर कोतवाली अंतर्गत दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ पुलिस ने 5 जनवरी 2020 को ही मुंतजिर निवासी छजपुरा सहारनपुर को गिरफ्तार किया।
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