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गर्मी आते ही बढ़ने लगे त्वचा रोगी, फंगल इंफेक्शन सबसे अधिक

Mon, 21 Mar 2022 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2022 11:12 PM IST
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Skin patients started increasing as soon as summer came, fungal infection is the most
जिला अस्पताल में मरीजो की लगी लाइन - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। गर्मी शुरू हो चुकी है। न्यूनतम तापमान 20 के आसपास और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही त्वचा रोगियों की समस्या और संख्या भी बढ़ने लगी है। एसबीडी जिला अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी संख्या निरंतर बढ़ रही है।
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चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. केवी सिंह ने बताया कि त्वचा रोग गर्मी और बरसात आने पर बढ़ जाता है। चूंकि गर्मी शुरू हो चुकी है। ऐसे में मरीजों का बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि जनवरी माह तक ओपीडी में 100 से 150 मरीज पहुंचते थे, जिनकी संख्या अब 200 से 250 हो गई है, साथ ही त्वचा रोगियों में 30 से 35 फीसदी रोगी फंगल इंफेक्शन वाले हैं, जिनको दाद की समस्या है। डॉ. सिंह ने बताया कि फंगल इंफेक्शन सबसे शरीर के पसीना रुकने वाले स्थानों पर अधिक होता है, जैसे बगल, जांघ, छाती का निचला भाग और उंगलियों का बीच। इसके बाद करीब 30 फीसदी मरीज स्केबीज के हैं। इन मरीजों को उंगलियों के बीच, चेहरे पर या शरीर के अन्य जगहों पर दाने बन जाते हैं। डॉ. केवी सिंह की सलाह है कि त्वचा रोगों से बचने को योग्य चिकित्सक से इलाज कराएं। पसीना आने वाले शहरी के स्थानों को सूखा रखें, जिसके लिए पाउडर का इस्तेमाल करें।
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होली के बाद बढ़े मामले
डॉ. केवी सिंह ने बताया कि बाजार में केमिकलयुक्त रंग आ रहे हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। होली के बाद कई ऐसे मरीज आए हैं, जिनको पहले त्वचा की एलर्जी नहीं थी और होली खेलने के बाद चेहरे पर दाने निकल आए हैं। जिन लोगों को पहले से एलर्जी की समस्या थी वो केमिकल रंगों से बढ़ गई है।
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फंगल इंफेक्शन से बचने को यह करें
- प्रतिदिन ताजे और ठंडे पानी से नहाएं, टैंक और गीजर का पानी इस्तेमाल न करें।
- नहाने के पानी में एंटीसेप्टिक की बूंदें डालें।
- त्वचा के लिए एंटीबैक्टीरियल साबुन का प्रयोग करें।
- झोलाछाप से इलाज न कराएं, अपनी मर्जी से दवा न लें।
- पहले से इंफेक्शन है तो पहनने के कपड़ों को गर्म पानी में उबालकर धुलें और धूप में अच्छे से सुखाएं।
- अंडर गारमेंट प्रतिदिन बदलें, तौलिए को धूप में अच्छे से सुखाएं।
- इंफेक्शन से ग्रसित मरीज के कपड़ों को परिजनों के कपड़ों से अलग धुलें।
- शरीर के कोमल हिस्सों जैैसे बगल, जांघ और उंगलियों के बीच के हिस्से को साफ और सूखा रखें।
- गर्मियों में हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
- टाइट कपड़े न पहनें, जींस भी पहनने से बचें।
- मीठा, लाल मिर्च और तेज मसालेदार खाने से बचें।

जिला अस्पताल में मरीजो की लगी लाइन

जिला अस्पताल में मरीजो की लगी लाइन- फोटो : SAHARANPUR

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