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शब्बीरपुर कूच के एलान पर पुलिस ने की घेराबंदी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 19 May 2017 01:12 AM IST
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एसपी देहात से उलझते कार्तिकेेय राणा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के बड़गांव में सोशल मीडिया पर भड़काने वाला पोस्ट किए जाने एवं 18 मई को शब्बीरपुर पहुंचने के राजपूत समाज के आह्वान पर पूर्व मंत्री स्व. राजेंद्र राणा के पुत्र कार्तिकेय राणा पर पुलिस ने बड़गांव थाना में आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करा दी।
उसके बाद गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। लेकिन पुलिस को चकमा देकर कार्तिकेय अपने गांव भायला पहुंच गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी भायला पहुंचे, लेकिन कार्तिकेय को गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं दिखा सके।
बाद में कार्तिकेय ने बसपा के पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू की गिरफ्तारी की मांग समेत पांच सूत्रीय मांग पत्र एडीएम को सौंपा। बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर में 5 मई को हुए बवाल के मामले को लेकर कार्तिकेय राणा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर राजपूत समाज के पक्ष में भड़काऊ पोस्ट जारी किया।
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पोस्ट में भड़काए जाने वाले शब्दों का प्रयोग करने के साथ ही समाज के लोगों से 18 मई को शब्बीरपुर पहुंचने का आह्वान किया गया। सोशल मीडिया पर जारी की गई पोस्ट को भड़काऊ मानते हुऐ बड़गांव पुलिस ने कार्तिकेय राणा के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली और शब्बीरपुर जाने से रोकने के लिए गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी।
बुधवार की रात में ही पुलिस ने सहारनपुर शहर के आवास विकास स्थित कार्तिकेय राणा के आवास पर दबिश दी। उसके बाद सुबह लगभग साढ़े 10 बजे पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहुंच गई।
लेकिन कार्तिकेय राणा पुलिस को चकमा देकर निकल गए। पुलिस ने वहां से फरहान और मनोज नाम के दो युवकों को हिरासत में ले लिया। बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
बृहस्पतिवार सुबह कार्तिकेय राणा के शिमलाना गांव पहुंचने की खबर पर पुलिस ने वहां दबिश दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही कार्तिकेय वहां से निकल गए।
इसके बाद पुलिस क्षेत्रीय गांवों में कार्तिकेय और उनके समर्थकों को तलाशती रही। इसके बाद वह अपने पैतृक गांव भायला पहुंचे और वहां से शब्बीरपुर कूच करके गिरफ्तारी देने की बात कही। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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उसके बाद गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। लेकिन पुलिस को चकमा देकर कार्तिकेय अपने गांव भायला पहुंच गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी भायला पहुंचे, लेकिन कार्तिकेय को गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं दिखा सके।
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बाद में कार्तिकेय ने बसपा के पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू की गिरफ्तारी की मांग समेत पांच सूत्रीय मांग पत्र एडीएम को सौंपा। बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर में 5 मई को हुए बवाल के मामले को लेकर कार्तिकेय राणा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर राजपूत समाज के पक्ष में भड़काऊ पोस्ट जारी किया।
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पोस्ट में भड़काए जाने वाले शब्दों का प्रयोग करने के साथ ही समाज के लोगों से 18 मई को शब्बीरपुर पहुंचने का आह्वान किया गया। सोशल मीडिया पर जारी की गई पोस्ट को भड़काऊ मानते हुऐ बड़गांव पुलिस ने कार्तिकेय राणा के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली और शब्बीरपुर जाने से रोकने के लिए गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी।
बुधवार की रात में ही पुलिस ने सहारनपुर शहर के आवास विकास स्थित कार्तिकेय राणा के आवास पर दबिश दी। उसके बाद सुबह लगभग साढ़े 10 बजे पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहुंच गई।
लेकिन कार्तिकेय राणा पुलिस को चकमा देकर निकल गए। पुलिस ने वहां से फरहान और मनोज नाम के दो युवकों को हिरासत में ले लिया। बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
बृहस्पतिवार सुबह कार्तिकेय राणा के शिमलाना गांव पहुंचने की खबर पर पुलिस ने वहां दबिश दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही कार्तिकेय वहां से निकल गए।
इसके बाद पुलिस क्षेत्रीय गांवों में कार्तिकेय और उनके समर्थकों को तलाशती रही। इसके बाद वह अपने पैतृक गांव भायला पहुंचे और वहां से शब्बीरपुर कूच करके गिरफ्तारी देने की बात कही। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।