{"_id":"6aa9a0209e3aad627105653c","slug":"shortage-of-means-of-transport-on-chhutmalpur-dy-road-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-183777-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: छुटमलपुर-डीवाई मार्ग पर आवागमन के साधनों का टोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: छुटमलपुर-डीवाई मार्ग पर आवागमन के साधनों का टोटा
विज्ञापन
छुटमलपुर। डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों को जोड़ने वाले छुटमलपुर-डीवाई (दिल्ली-यमुनोत्री) सड़क मार्ग पर आवागमन के साधनों का टोटा है। इस पर किसी भी तरह की बस सेवा नहीं है। छुटमलपुर से लंढोरा तक आधे रास्ते पर ई रिक्शा और टेंपो चलते हैं, जबकि इससे आगे वह भी नहीं मिलते हैं। ऐसे में लोगों को पैदल या फिर किसी से लिफ्ट लेकर अपना सफर पूरा करना पड़ता है।
छुटमलपुर से शुरू होने वाले 17 किमी लंबे इस सड़क मार्ग पर अलीपुर संभालकी, हलवाना, हाजीपुर, सरदाहेड़ी, रामखेड़ी, बेहड़ा खुर्द, बेहड़ा कलां, मांडला, लंढोरा, बादलपुर, पानसर और दाउदपुरा स्थित हैं। आसपास के आधा दर्जन गांव इससे कुछ दूरी पर बसे हैं। छुटमलपुर से बेहड़ा तक टेंपो और फिर बेहड़ा से मांडला तक ई रिक्शा चलते हैं, लेकिन इससे आगे कोई सवारी नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता सैकड़ों साल पुराना है।
बेहड़ा और आसपास के गांवों के लोग तहसील मुख्यालय बेहट जाने के लिए भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। तीन साल पहले ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इसका चौड़ीकरण भी कराया गया था। उसके बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि शायद अब उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम इस पर अपनी बस सेवा उपलब्ध करा दे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
यह बोले स्थानीय निवासी
- गांव बेहड़ा खुर्द निवासी सुशील पुंडीर का कहना है कि यह परंपरागत सड़क मार्ग है। यदि इस पर रोडवेज बसों का संचालन हो जाए तो हजारों लोगों को फायदा मिलेगा।
- गांव मांडला निवासी प्रियांशु शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में नौकरी करने जाते हैं। वह मजबूरी में या तो बाइक पर शेयरिंग में तीन-तीन बैठकर जाते हैं या फिर कुछ रास्ते पैदल और फिर आगे टेंपो से सफर करते हैं।
- अलीपुर संभालकी निवासी मुस्तकीम का कहना है कि आवागमन के साधन उपलब्ध न होने से काफी परेशानी होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत नौकरीपेशा लोगों और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को है।
- रामखेड़ी निवासी गौरव राणा का कहना है कि यदि इस मार्ग पर बसों का संचालन हो जाए तो तहसील और जिला मुख्यालय जाने में भी आसानी होगी।
वर्जन
जल्द ही उक्त सड़क मार्ग का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद बस सेवा संचालित करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव बना कर भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने पर बस सेवा संचालित करा दी जाएगी।
- सहेंद्र सिंह, एआरएम छुटमलपुर डिपो
विज्ञापन
छुटमलपुर से शुरू होने वाले 17 किमी लंबे इस सड़क मार्ग पर अलीपुर संभालकी, हलवाना, हाजीपुर, सरदाहेड़ी, रामखेड़ी, बेहड़ा खुर्द, बेहड़ा कलां, मांडला, लंढोरा, बादलपुर, पानसर और दाउदपुरा स्थित हैं। आसपास के आधा दर्जन गांव इससे कुछ दूरी पर बसे हैं। छुटमलपुर से बेहड़ा तक टेंपो और फिर बेहड़ा से मांडला तक ई रिक्शा चलते हैं, लेकिन इससे आगे कोई सवारी नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता सैकड़ों साल पुराना है।
विज्ञापन
बेहड़ा और आसपास के गांवों के लोग तहसील मुख्यालय बेहट जाने के लिए भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। तीन साल पहले ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इसका चौड़ीकरण भी कराया गया था। उसके बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि शायद अब उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम इस पर अपनी बस सेवा उपलब्ध करा दे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
यह बोले स्थानीय निवासी
- गांव बेहड़ा खुर्द निवासी सुशील पुंडीर का कहना है कि यह परंपरागत सड़क मार्ग है। यदि इस पर रोडवेज बसों का संचालन हो जाए तो हजारों लोगों को फायदा मिलेगा।
- गांव मांडला निवासी प्रियांशु शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में नौकरी करने जाते हैं। वह मजबूरी में या तो बाइक पर शेयरिंग में तीन-तीन बैठकर जाते हैं या फिर कुछ रास्ते पैदल और फिर आगे टेंपो से सफर करते हैं।
- अलीपुर संभालकी निवासी मुस्तकीम का कहना है कि आवागमन के साधन उपलब्ध न होने से काफी परेशानी होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत नौकरीपेशा लोगों और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को है।
- रामखेड़ी निवासी गौरव राणा का कहना है कि यदि इस मार्ग पर बसों का संचालन हो जाए तो तहसील और जिला मुख्यालय जाने में भी आसानी होगी।
वर्जन
जल्द ही उक्त सड़क मार्ग का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद बस सेवा संचालित करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव बना कर भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने पर बस सेवा संचालित करा दी जाएगी।
- सहेंद्र सिंह, एआरएम छुटमलपुर डिपो