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हिंदी पढ़ाने वालों की कमी, पढ़ने वालों की नहीं

Sat, 28 Aug 2021 11:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Aug 2021 11:58 PM IST
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Shortage of Hindi teachers, not those who study
महाराज सिंह कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. रामविनय शर्मा। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। उच्च शिक्षा में हिंदी विषय के चाहने और पढ़ने वालों की कमी नहीं है, लेकिन पढ़ाने वालों का टोटा है। एक-एक महाविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में हिंदी विषय के 600 से अधिक विद्यार्थी हैं, मगर पढ़ाने वाला व्यक्ति केवल एक। ऐसे में सहज ही हिंदी विषय और छात्रों की दशा का अंदाज लगाया जा सकता है।
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जनपद में सात राजकीय महाविद्यालय हैं। जिनमें से मात्र दो महाविद्यालयों में ही हिंदी के शिक्षक हैं बाकी पांच महाविद्यालयों में हिंदी पढ़ाने वाला कोई शिक्षक नहीं है। इसी प्रकार एडेड महाविद्यालयों की संख्या चार है। चारों महाविद्यालयों में हिंदी के गिने चुने ही शिक्षक पढ़ा रहे हैं। जेवी जैन कॉलेज की बात करें तो यहां बीए प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में हिंदी विषय पढ़ने वाले 540 विद्यार्थी हैं। इसके अलावा एमए हिंदी के प्रथम और द्वितीय वर्ष में 120 विद्यार्थी हिंदी के हैं। कुल 660 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए डॉ. राकेश चंद्रा स्थायी शिक्षक हैं, जो विभागाध्यक्ष भी हैं। महाराज सिंह कॉलेज में हिंदी शिक्षक के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन सात साल से डॉ. रामविनय शर्मा अकेले स्थायी शिक्षक हैं, जो विभागाध्यक्ष भी हैं। यहां हिंदी विषय पढ़ने वाले बीए के 240 विद्यार्थी हैं। गोचर महाविद्यालय में भी हिंदी पढ़ाने के लिए स्थायी शिक्षक के रूप में डॉ. अशोक वर्मा हैं, जो विभागाध्यक्ष भी हैं। महाविद्यालयों में हिंदी पढ़ाने वालों की कमी है पढ़ने वालों की नहीं।
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राजकीय महाविद्यालय और हिंदी के शिक्षक
राजकीय महाविद्यालय बेहट, राजकीय महाविद्यालय पुंवारका, राजकीय महाविद्यालय कोटा, राजकीय महाविद्यालय कपूरी और राजकीय महाविद्यालय पुवांरका में हिंदी शिक्षक का एक-एक पद स्वीकृत हैं, जो खाली है। राजकीय महाविद्यालय गंगोह में हिंदी शिक्षक के तीन पद स्वीकृत हैं और तीनों ही खाली हैं। ऐसे में हिंदी विषय और हिंदी विषय के विद्यार्थियों की स्थिति को समझा जा सकता है। केवल राजकीय महाविद्यालय देवबंद और राजकीय महाविद्यालय नानौता में एक-एक शिक्षक तैनात हैं।

गोचर महाविद्यालय में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक वर्मा।

गोचर महाविद्यालय में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक वर्मा।- फोटो : SAHARANPUR

जेवी जैन कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश चंद्रा।

जेवी जैन कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश चंद्रा।- फोटो : SAHARANPUR

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