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Saharanpur News: मृतक आश्रित में पाई थी कनिष्ठ सहायक की नौकरी, अब बनीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
Wed, 08 Apr 2026 01:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 08 Apr 2026 01:24 AM IST
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सहारनपुर। मृतक आश्रित में कनिष्ठ सहायक की नौकरी के बाद टाइपिंग परीक्षा तीन महिला कर्मियों के लिए भारी पड़ गई। टाइपिंग परीक्षा में पास नहीं होने पर तीनों को चतुर्थ श्रेणी पद पर कार्य करने के आदेश दिए गए हैं। तीनों ही जिला विकास कार्यालय में तैनात हैं।
तीन कर्मियों आदेश, संगीता, ममता को मृतक आश्रित में नौकरी पर जिला विकास कार्यालय में तैनाती दी गई थई। आदेश कुमारी ने 11 अगस्त 2016, संगीता ने नौ जून 2017 और ममता ने दो नवंबर 2018 को जिला विकास कार्यालय में कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त पाई थी। उन्हें इस शर्त पर नियुक्त दी गई थी कि वह समय सीमा के भीतर टाइपिंग परीक्षा को पास करेंगी। नियुक्त पाने के करीब आठ वर्षों के बाद भी तीनों टाइप टेस्ट में 25 शब्द प्रति मिनट की गति पाने में नाकाम रहे। लिपिकीय संवर्ग में सेवा के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता के अतिरिक्त टाइपिंग में 25 शब्द प्रति मिनट की आवश्यक गति न होने पर भी मृतक आश्रित को लिपिक पद पर नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन शर्त है कि वह नियुक्ति के एक वर्ष के भीतर टाइपिंग की निश्चित गति प्राप्त लें।
असफल होने पर नियुक्त कर्मी की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकते हुए एक साल का अतिरिक्त समय टाइप की आवश्यक गति प्राप्त करने को दिया जाएगा। यदि दूसरी बार भी कर्मी 25 शब्द प्रति मिनट की गति प्राप्त नहीं करता है तो उसे लिपिक पद से पद मुक्त करते हुए चतुर्थ श्रेणी पर नियुक्त कर दिया जाएगा और यह उसकी नई नियुक्ति मानी जाएगी। दो बार समय मिलने के बाद भी तीनों ही टाइपिंग परीक्षा को पास नहीं कर पाई। वहीं ममता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रत्यावेदन जिलाधिकारी को दिया है। उन्होंने एक और मौका दिए जाने की मांग की।
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- कनिष्ठ सहायक पद पर पेबैंड 2200 रुपये
कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात को 2200 रुपये पेबैंड के हिसाब से वेतन दिया जा रहा था। तीनों ही कर्मियों को अभी तक कनिष्ठ सहायक पद के हिसाब से वेतन, भत्ते आदि का भुगतान हो रहा था। अब जब तीनों कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्त दी गई है, तो उन्हें 1800 पेबैंड के हिसाब से वेतन दिया जाएगा।
कार्यालय में तीन महिला कर्मी मृतक आश्रित में तैनात हैं। तीनों को ही नियमानुसार टाइपिंग परीक्षा पास करनी थी। नियमानुसार टाइपिंग परीक्षा पास न करने पर तीनों महिला कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी पद पर नई नियुक्ति दी गई है।
- प्रणय कृष्ण, परियोजना निदेशक, प्रभारी जिला विकास अधिकारी
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तीन कर्मियों आदेश, संगीता, ममता को मृतक आश्रित में नौकरी पर जिला विकास कार्यालय में तैनाती दी गई थई। आदेश कुमारी ने 11 अगस्त 2016, संगीता ने नौ जून 2017 और ममता ने दो नवंबर 2018 को जिला विकास कार्यालय में कनिष्ठ सहायक के पद पर नियुक्त पाई थी। उन्हें इस शर्त पर नियुक्त दी गई थी कि वह समय सीमा के भीतर टाइपिंग परीक्षा को पास करेंगी। नियुक्त पाने के करीब आठ वर्षों के बाद भी तीनों टाइप टेस्ट में 25 शब्द प्रति मिनट की गति पाने में नाकाम रहे। लिपिकीय संवर्ग में सेवा के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता के अतिरिक्त टाइपिंग में 25 शब्द प्रति मिनट की आवश्यक गति न होने पर भी मृतक आश्रित को लिपिक पद पर नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन शर्त है कि वह नियुक्ति के एक वर्ष के भीतर टाइपिंग की निश्चित गति प्राप्त लें।
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असफल होने पर नियुक्त कर्मी की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकते हुए एक साल का अतिरिक्त समय टाइप की आवश्यक गति प्राप्त करने को दिया जाएगा। यदि दूसरी बार भी कर्मी 25 शब्द प्रति मिनट की गति प्राप्त नहीं करता है तो उसे लिपिक पद से पद मुक्त करते हुए चतुर्थ श्रेणी पर नियुक्त कर दिया जाएगा और यह उसकी नई नियुक्ति मानी जाएगी। दो बार समय मिलने के बाद भी तीनों ही टाइपिंग परीक्षा को पास नहीं कर पाई। वहीं ममता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रत्यावेदन जिलाधिकारी को दिया है। उन्होंने एक और मौका दिए जाने की मांग की।
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- कनिष्ठ सहायक पद पर पेबैंड 2200 रुपये
कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात को 2200 रुपये पेबैंड के हिसाब से वेतन दिया जा रहा था। तीनों ही कर्मियों को अभी तक कनिष्ठ सहायक पद के हिसाब से वेतन, भत्ते आदि का भुगतान हो रहा था। अब जब तीनों कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्त दी गई है, तो उन्हें 1800 पेबैंड के हिसाब से वेतन दिया जाएगा।
कार्यालय में तीन महिला कर्मी मृतक आश्रित में तैनात हैं। तीनों को ही नियमानुसार टाइपिंग परीक्षा पास करनी थी। नियमानुसार टाइपिंग परीक्षा पास न करने पर तीनों महिला कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी पद पर नई नियुक्ति दी गई है।
- प्रणय कृष्ण, परियोजना निदेशक, प्रभारी जिला विकास अधिकारी