{"_id":"69fe377072f89969640129e6","slug":"seven-year-old-girl-dies-after-dog-bite-foams-at-the-mouth-and-nose-saharanpur-news-c-30-1-smrt1053-174995-2026-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: कुत्ते के काटने से सात वर्षीय बच्ची की मौत, मुंह और नाक से आए झाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: कुत्ते के काटने से सात वर्षीय बच्ची की मौत, मुंह और नाक से आए झाग
Sat, 09 May 2026 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 09 May 2026 12:50 AM IST
विज्ञापन
हैप्पी बर्थडे- मोलिका सैनी पुत्री आकाश सैली अशोक वाटिका
सहारनपुर। कुत्तों के हमलों से जिले में लगातार मासूमों की जान जा रही है। महानगर के खाताखेड़ी में भी ऐसी ही दर्दनाक घटना हुई है। कुत्ते के काटने के पांच दिन बाद जिकरा (7) की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बच्ची के मुंह और नाक से झाग आए, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया। रेबीज के कारण मौत हुई है। नगर निगम का कहना है कि बच्ची की मौत के बाद कुत्ते की जांच कराई गई, लेकिन रेबीज नहीं मिला। जबकि डॉक्टर मौत का कारण स्पष्ट नहीं बता पा रहे।
सद्दाम की बेटी जिकरा एक मई की शाम घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी। बच्ची के ताऊ रिहान कुरैशी ने बताया कि रास्ते में एक कुत्ते ने जिकरा के पैर पर काट लिया। परिजनों ने कुछ ही देर बाद जिकरा को टिटनेस का इंजेक्शन लगवा दिया था। दो मई को जिला अस्पताल में लाकर एंटी रेबीज का इंजेक्शन भी लगवा दिया गया। जिला अस्पताल की तरफ से दूसरी डोज के लिए पांच मई की तारीख दी थी। पांच मई की सुबह एंटी रेबीज की दूसरी डोज लगवा दी। तब तक जिकरा पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन अपराह्न तीन बजे उसके मुंह और नाक से झाग आए। शरीर में ऐंठन हुई और बुखार भी आया। परिजन बच्ची को निजी अस्पताल में लेकर गए। जांच रिपोर्ट में आया कि बच्ची को इंफेक्शन है। उपचार के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि बच्ची की मौत रेबीज से हुई है।
-- कुत्ते को सुबह ही लगा था एंटी रेबीज इंजेक्शन
जिस कुत्ते ने जिकरा को काटा था उसे नगर निगम की टीम ने सुबह ही एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया था। यदि किसी कुत्ते को एंटी रेबीज इंजेक्शन दिया गया है तो उसके अंदर एंटी रेबीज का असर पूरी तरह विकसित होने में सात से 14 दिन लगते हैं। ऐसे में टीका लगते ही किसी कुत्ते को सुरक्षित मान लेना ठीक नहीं है। उधर, कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के असर को बेअसर करने के लिए पांच डोज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाई जाती हैं। पहली डोज काटने के 24 घंटे के अंदर लेनी होती है। दूसरी डोज तीसरे, तीसरी डोज सातवें, चौथी डोज 14वें और पांचवीं डोज 28वें दिन लगनी चाहिए। तभी एंटी रेबीज इंजेक्शन असरकारक माना जाता है।
विज्ञापन
- रेबीज के शरीर पर प्रभाव
डॉक्टरों के अनुसार, रेबीज के अंतिम चरण में हार्ट फेल या धड़कन रुक सकती है, क्योंकि रेबीज का वायरस हृदय की संरचनाओं को प्रभावित कर सकता है। इससे मायोकार्डिटिस यानी हृदय की मांसपेशियों में सूजन और कार्डियक एरिथमिया यानी धड़कन की अनियमितता हो सकती है। इसके अलावा रेबीज के कारण मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है।
-- यह बोले चिकित्सक
जिस समय बच्ची को हमारे पास लेकर आए थे उसकी तबीयत बेहद खराब थी। हमने भर्ती कर इलाज शुरू किया। बच्ची के शरीर में काफी इंफेक्शन फैला हुआ था। कोशिश के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका। मौत की असली वजह क्या रही पूरी तरह कहना मुश्किल है। - डॉ. राजेश शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ
- बच्ची की मौत के बाद हमने कुत्ते को उठवाकर उसकी जांचें कराईं हैं। उसके अंदर रेबीज नहीं मिला है। बच्ची की मौत की वजह कोई दूसरी बीमारी हो सकती है, क्योंकि उसे बुखार और अन्य शिकायतें भी थीं, ऐसा पता चला है। - डॉ. संदीप मिश्रा, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम
- हर माह तीन हजार से अधिक लोगों को काट रहे कुत्ते
10 दिन पहले फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव चाऊपुरा में आठ साल के लविश को कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मार डाला था। उससे कुछ दिन पहले भी मुजफ्फराबाद क्षेत्र में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले परिवार के बच्चे को नोंचकर मार डाला था। एसबीडी जिला अस्पताल में हर रोज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की कतार लगी रहती है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में हर महीने तीन हजार से अधिक लोगों को कुत्ते काट रहे हैं।
विज्ञापन
सद्दाम की बेटी जिकरा एक मई की शाम घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी। बच्ची के ताऊ रिहान कुरैशी ने बताया कि रास्ते में एक कुत्ते ने जिकरा के पैर पर काट लिया। परिजनों ने कुछ ही देर बाद जिकरा को टिटनेस का इंजेक्शन लगवा दिया था। दो मई को जिला अस्पताल में लाकर एंटी रेबीज का इंजेक्शन भी लगवा दिया गया। जिला अस्पताल की तरफ से दूसरी डोज के लिए पांच मई की तारीख दी थी। पांच मई की सुबह एंटी रेबीज की दूसरी डोज लगवा दी। तब तक जिकरा पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन अपराह्न तीन बजे उसके मुंह और नाक से झाग आए। शरीर में ऐंठन हुई और बुखार भी आया। परिजन बच्ची को निजी अस्पताल में लेकर गए। जांच रिपोर्ट में आया कि बच्ची को इंफेक्शन है। उपचार के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि बच्ची की मौत रेबीज से हुई है।
विज्ञापन
जिस कुत्ते ने जिकरा को काटा था उसे नगर निगम की टीम ने सुबह ही एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया था। यदि किसी कुत्ते को एंटी रेबीज इंजेक्शन दिया गया है तो उसके अंदर एंटी रेबीज का असर पूरी तरह विकसित होने में सात से 14 दिन लगते हैं। ऐसे में टीका लगते ही किसी कुत्ते को सुरक्षित मान लेना ठीक नहीं है। उधर, कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के असर को बेअसर करने के लिए पांच डोज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाई जाती हैं। पहली डोज काटने के 24 घंटे के अंदर लेनी होती है। दूसरी डोज तीसरे, तीसरी डोज सातवें, चौथी डोज 14वें और पांचवीं डोज 28वें दिन लगनी चाहिए। तभी एंटी रेबीज इंजेक्शन असरकारक माना जाता है।
विज्ञापन
- रेबीज के शरीर पर प्रभाव
डॉक्टरों के अनुसार, रेबीज के अंतिम चरण में हार्ट फेल या धड़कन रुक सकती है, क्योंकि रेबीज का वायरस हृदय की संरचनाओं को प्रभावित कर सकता है। इससे मायोकार्डिटिस यानी हृदय की मांसपेशियों में सूजन और कार्डियक एरिथमिया यानी धड़कन की अनियमितता हो सकती है। इसके अलावा रेबीज के कारण मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है।
जिस समय बच्ची को हमारे पास लेकर आए थे उसकी तबीयत बेहद खराब थी। हमने भर्ती कर इलाज शुरू किया। बच्ची के शरीर में काफी इंफेक्शन फैला हुआ था। कोशिश के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका। मौत की असली वजह क्या रही पूरी तरह कहना मुश्किल है। - डॉ. राजेश शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ
- बच्ची की मौत के बाद हमने कुत्ते को उठवाकर उसकी जांचें कराईं हैं। उसके अंदर रेबीज नहीं मिला है। बच्ची की मौत की वजह कोई दूसरी बीमारी हो सकती है, क्योंकि उसे बुखार और अन्य शिकायतें भी थीं, ऐसा पता चला है। - डॉ. संदीप मिश्रा, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम
- हर माह तीन हजार से अधिक लोगों को काट रहे कुत्ते
10 दिन पहले फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव चाऊपुरा में आठ साल के लविश को कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मार डाला था। उससे कुछ दिन पहले भी मुजफ्फराबाद क्षेत्र में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले परिवार के बच्चे को नोंचकर मार डाला था। एसबीडी जिला अस्पताल में हर रोज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की कतार लगी रहती है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में हर महीने तीन हजार से अधिक लोगों को कुत्ते काट रहे हैं।