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आत्मनिर्भरता: गन्ना पौध तैयार कर मुनाफा कमा रही महिलाएं
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विशेष स्टोरी: सहारनपुर। ग्राम नंदी में गन्ने की पौध तैयार करती महिलाएं
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। गन्ना पौध तैयार करके स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। ये समूह बड चिप और सिंगल बड चिप विधि से गन्ना पौध तैयार कर रही हैं। शरदकालीन गन्ना बुवाई सत्र में ही मंडल के 113 समूहों की 1103 महिलाओं ने 48,22,303 पौध तैयार करके करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचा है। इस बार 2,12,50,000 पौध मंडल में तैयार करने का लक्ष्य गन्ना विभाग को मिला है।
खास बात यह है कि महिलाओं को प्रति पौधा तीन रुपये मिलते हैं। इसमें से डेढ़ रुपया गन्ना विभाग और डेढ़ रुपया पौध खरीदने वाला किसान देता है। पौध तैयार करने में आई लागत निकालकर प्रति पौधा 50 पैसे से एक रुपये तक का मुनाफा हो रहा है। शरदकालीन सत्र में बेची गई पौध से महिलाओं को 1,44,66,909 की आय हुई है। इसके चलते महिलाओं को न सिर्फ रोजगार मिल रहा है बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं।
- इसलिए मिल रहा बढ़ावा
गन्ना पौध को रोग रहित तैयार करने के लिए बड चिप और सिंगल बड विधि का सहारा लिया जाता है। इस पौध को खेत में कूंड़ निकालकर उचित दूरी पर रोप दिया जाता है। जिससे फसल करीब एक माह अगेती हो जाती है। इस फसल में फुटाव भी अपेक्षाकृत अधिक होता है।
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- महिलाएं बोलीं, मिला रोजगार और आर्थिक लाभ --
लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जगरोशनी और आशा स्वयं सहायता समूह की बबली कहती हैं कि वे महिलाओं के साथ मिलकर गन्ना पौध तैयार करती हैं। इससे उन्हें सीजनल रोजगार भी मिल रहा है। तीन रुपये प्रति गन्ना पौध बिक जाती है और पैसा बैंक खाते में प्राप्त होता है।
- ऐसे तैयार होती है गन्ने की पौध
गन्ने की आंख को एक यंत्र से निकालकर ट्रे में कॉयर पिट में लगाते हैं। इसे पौध तैयार करने की बड चिप विधि कहा जाता है। सिंगल बड में गन्ने की आंख वाला छोटा टुकड़ा काटकर ट्रे में रोपा जाता है। इससे रोग और कीटों के प्रकोप रहित गन्ना पौध तैयार होती है।
- मंडल में गन्ना पौध तैयार करने का लक्ष्य
जनपद ------------- पौध
सहारनपुर --------- 75 लाख
मुजफ्फरनगर ----- 01 करोड़
शामली ------------ 37.50 लाख
- पौध तैयार करने वाले स्वयं सहायता समूह
जनपद ----------- संख्या
सहारनपुर --------- 57
मुजफ्फरनगर ----- 44
शामली ------------ 12
योग --------------- 113
गन्ना विभाग, चीनी मिल और गन्ना शोध केंद्र स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को गन्ना पौध तैयार करने के लिए प्रशिक्षण देते हैं। फिर महिलाएं एक स्थान पर गन्ने की पौध तैयार करती हैं। प्रति पौध करीब 50 पैसे से एक रुपये की बचत हो जाती है। भुगतान सीधा महिलाओं के बैंक खाते में होता है। -- डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।
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खास बात यह है कि महिलाओं को प्रति पौधा तीन रुपये मिलते हैं। इसमें से डेढ़ रुपया गन्ना विभाग और डेढ़ रुपया पौध खरीदने वाला किसान देता है। पौध तैयार करने में आई लागत निकालकर प्रति पौधा 50 पैसे से एक रुपये तक का मुनाफा हो रहा है। शरदकालीन सत्र में बेची गई पौध से महिलाओं को 1,44,66,909 की आय हुई है। इसके चलते महिलाओं को न सिर्फ रोजगार मिल रहा है बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं।
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- इसलिए मिल रहा बढ़ावा
गन्ना पौध को रोग रहित तैयार करने के लिए बड चिप और सिंगल बड विधि का सहारा लिया जाता है। इस पौध को खेत में कूंड़ निकालकर उचित दूरी पर रोप दिया जाता है। जिससे फसल करीब एक माह अगेती हो जाती है। इस फसल में फुटाव भी अपेक्षाकृत अधिक होता है।
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- महिलाएं बोलीं, मिला रोजगार और आर्थिक लाभ --
लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जगरोशनी और आशा स्वयं सहायता समूह की बबली कहती हैं कि वे महिलाओं के साथ मिलकर गन्ना पौध तैयार करती हैं। इससे उन्हें सीजनल रोजगार भी मिल रहा है। तीन रुपये प्रति गन्ना पौध बिक जाती है और पैसा बैंक खाते में प्राप्त होता है।
- ऐसे तैयार होती है गन्ने की पौध
गन्ने की आंख को एक यंत्र से निकालकर ट्रे में कॉयर पिट में लगाते हैं। इसे पौध तैयार करने की बड चिप विधि कहा जाता है। सिंगल बड में गन्ने की आंख वाला छोटा टुकड़ा काटकर ट्रे में रोपा जाता है। इससे रोग और कीटों के प्रकोप रहित गन्ना पौध तैयार होती है।
- मंडल में गन्ना पौध तैयार करने का लक्ष्य
जनपद ------------- पौध
सहारनपुर --------- 75 लाख
मुजफ्फरनगर ----- 01 करोड़
शामली ------------ 37.50 लाख
- पौध तैयार करने वाले स्वयं सहायता समूह
जनपद ----------- संख्या
सहारनपुर --------- 57
मुजफ्फरनगर ----- 44
शामली ------------ 12
योग --------------- 113
गन्ना विभाग, चीनी मिल और गन्ना शोध केंद्र स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को गन्ना पौध तैयार करने के लिए प्रशिक्षण देते हैं। फिर महिलाएं एक स्थान पर गन्ने की पौध तैयार करती हैं। प्रति पौध करीब 50 पैसे से एक रुपये की बचत हो जाती है। भुगतान सीधा महिलाओं के बैंक खाते में होता है। -- डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।

विशेष स्टोरी: सहारनपुर। ग्राम भटोल में गन्ने की पौध तैयार करती महिलाएं।- फोटो : SAHARANPUR