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बीमारियों का मौसम, पैथोलॉजी लैब में मशीन खराब
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सहारनपुर। बीमारियों का मौसम चल रहा है। तमाम तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था दुरुस्त होने की बजाय बदहाल हैं। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब की थायराइड जांच की मशीन बीते तीन माह से खराब चल रही है, जिसकी वजह से मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।
थायराइड ऐसी बीमारी है, जिसके मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन दो से तीन मरीज ऐसे आते हैं, जिनमें थायराइड के लक्षण होते हैं। इन मरीजों को जांच की सलाह दी जाती है, मगर जब यह जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब पहुंचते हैं तो मशीन खराब बताकर लौटा दिया जाता है। इसके बाद उन्हें बाहर निजी लैब पर जाकर जांच करानी पड़ती है। लैब में और भी एक अन्य जांच की मशीन खराब बताई जा रही है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि मशीन तीन माह से खराब है। मशीन को स्थापित करने वाली कंपनी दूसरी थी, मगर मशीन को ठीक करने का जिम्मा लखनऊ स्तर से ही एक अन्य कंपनी को दिया गया था। मशीन में एक पुर्जा खराब है, जो अमेरिका से आना है। पुर्जा नहीं मिलने की वजह से मशीन ठीक नहीं हो पा रही है। जिसकी वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है।
पूरे मंडल में एक ही मशीन
थायराइड जांच के लिए जिला अस्पताल की लैब में स्थापित मशीन अमेरिकी कंपनी की है, जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। खास बात यह है कि पूरे मंडल में थायराइड जांच की केवल एक ही मशीन चिकित्सा विभाग के पास है।
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संबंधित कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है। दो दिन पहले भी इंजीनियर मशीन को देखने पहुंचे थे। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि पुर्जा अमेरिका से आ गया है, जो जल्द ही मशीन में फिट कर मशीन को चालू किया जाएगा।
- डॉ. आभा वर्मा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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थायराइड ऐसी बीमारी है, जिसके मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन दो से तीन मरीज ऐसे आते हैं, जिनमें थायराइड के लक्षण होते हैं। इन मरीजों को जांच की सलाह दी जाती है, मगर जब यह जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब पहुंचते हैं तो मशीन खराब बताकर लौटा दिया जाता है। इसके बाद उन्हें बाहर निजी लैब पर जाकर जांच करानी पड़ती है। लैब में और भी एक अन्य जांच की मशीन खराब बताई जा रही है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि मशीन तीन माह से खराब है। मशीन को स्थापित करने वाली कंपनी दूसरी थी, मगर मशीन को ठीक करने का जिम्मा लखनऊ स्तर से ही एक अन्य कंपनी को दिया गया था। मशीन में एक पुर्जा खराब है, जो अमेरिका से आना है। पुर्जा नहीं मिलने की वजह से मशीन ठीक नहीं हो पा रही है। जिसकी वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है।
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पूरे मंडल में एक ही मशीन
थायराइड जांच के लिए जिला अस्पताल की लैब में स्थापित मशीन अमेरिकी कंपनी की है, जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। खास बात यह है कि पूरे मंडल में थायराइड जांच की केवल एक ही मशीन चिकित्सा विभाग के पास है।
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संबंधित कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है। दो दिन पहले भी इंजीनियर मशीन को देखने पहुंचे थे। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि पुर्जा अमेरिका से आ गया है, जो जल्द ही मशीन में फिट कर मशीन को चालू किया जाएगा।
- डॉ. आभा वर्मा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल