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एसडीएम सदर ने किया विरासतों का सत्यापन
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ग्राम सब्दलपुर में विरासत का सत्यापन करते एसडीएम सदर
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। विरासत दर्ज कराने के अभियान के तहत सोमवार को उप जिलाधिकारी सदर अनिल कुमार सिंह नेे ग्राम सबदलपुर, शिवदासपुर और बीतिया में विरासतों का सत्यापन किया। इस अभियान के तहत तहसील सदर क्षेत्र में अब तक 1800 मामलों में विरासत दर्ज की जा चुकी हैं।
मृतक किसानों के स्थान पर उनके वारिसों के नाम दर्ज कराने के लिए प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर 2020 से अभियान चला रखा है। इस अभियान के प्रथम चरण में 15 से 30 दिसंबर तक लेखपालों ने ग्रामों में खुली बैठकें करके खतौनी पढ़ीं गई और मृतक किसानों के वारिसों से आवेदन ऑनलाइन दर्ज कराए । द्वितीय चरण में लेखपालों ने प्राप्त आवेदनों की जांच कर ऑनलाइन सत्यापन किया। तृतीय चरण में राजस्व निरीक्षकों ने निर्विवाद मामलों में विरासत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन ही आदेश दिए और उनका अमल दरामद खतौनी में कर दिया। अंतिम चरण में प्रशासनिक अधिकारी गांवों में जाकर लेखपालों द्वारा किए कार्यों का सत्यापन कर रहे हैँ।
उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि सबदलपुर शिवदासपुर में 19 आवेदन प्राप्त हुए, इनमें से सत्रह मामलों में विरासत दर्ज कर दी गई। दो मामलों में मृतक के उत्तराधिकारी बाहर हैं, इस कारण उनका निस्तारण नहीं हो सका। ग्राम बीतिया में 17 में से 14 मामलों में विरासत दर्ज की जा चुकी है। तीन मामलों में मृतक के वारिसों के बाहर रहने से निस्तारण शेष हैं। इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल राखी वर्मा, ऋचा भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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मृतक किसानों के स्थान पर उनके वारिसों के नाम दर्ज कराने के लिए प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर 2020 से अभियान चला रखा है। इस अभियान के प्रथम चरण में 15 से 30 दिसंबर तक लेखपालों ने ग्रामों में खुली बैठकें करके खतौनी पढ़ीं गई और मृतक किसानों के वारिसों से आवेदन ऑनलाइन दर्ज कराए । द्वितीय चरण में लेखपालों ने प्राप्त आवेदनों की जांच कर ऑनलाइन सत्यापन किया। तृतीय चरण में राजस्व निरीक्षकों ने निर्विवाद मामलों में विरासत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन ही आदेश दिए और उनका अमल दरामद खतौनी में कर दिया। अंतिम चरण में प्रशासनिक अधिकारी गांवों में जाकर लेखपालों द्वारा किए कार्यों का सत्यापन कर रहे हैँ।
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उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि सबदलपुर शिवदासपुर में 19 आवेदन प्राप्त हुए, इनमें से सत्रह मामलों में विरासत दर्ज कर दी गई। दो मामलों में मृतक के उत्तराधिकारी बाहर हैं, इस कारण उनका निस्तारण नहीं हो सका। ग्राम बीतिया में 17 में से 14 मामलों में विरासत दर्ज की जा चुकी है। तीन मामलों में मृतक के वारिसों के बाहर रहने से निस्तारण शेष हैं। इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल राखी वर्मा, ऋचा भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
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