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Saharanpur News: सिविल एयरपोर्ट शुरू होने से सरसावा को मिलेगी नई पहचान

Sun, 20 Oct 2024 03:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 20 Oct 2024 03:03 AM IST
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Sarsawa will get a new identity with the opening of the civil airport
सरसावा। एयरफोर्स स्टेशन से लेकर मेडिकल कॉलेज की वजह से यूं तो सरसावा की दूर-दूर तक पहचान है, लेकिन सिविल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही देश के यात्री वायु नक्शे पर भी कस्बे का नाम होगा। सड़क से लेकर रेल मार्ग और अब वायु मार्ग भी यहां की विशेषता होगी।
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यातायात की है ये सुविधाएं
दरअसल, पहले से ही सरसावा नगर उत्तर रेलवे के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। सरसावा रेलवे स्टेशन पर सहारनपुर से अंबाला रूट की लगभग सभी पैसेंजर गाड़ियों का ठहराव है। हालांकि सहारनपुर तथा यमुनानगर नजदीक होने के कारण एक्सप्रेस गाड़ियां यहां नहीं रुकती हैं। यात्री पैसेंजर ट्रेनों के माध्यम से सीधे मुख्य स्टेशनों से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा रुड़की-पंचकूला नेशनल हाईवे-344 से भी सरसावा सीधे-सीधे जुड़ा हुआ है। पूर्व में नेशनल हाईवे सरसावा के बीच से होकर गुजरता था, लेकिन विस्तारीकरण के तहत नया बाईपास बनाया गया और सरसावा नगर के बिल्कुल समीप से नेशनल हाईवे को निकाला गया। सबसे महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन है, जिसकी वजह से सरसावा का नाम दूर-दूर तक विख्यात है।
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मेडिकल कॉलेज और चीनी मिल भी अहम
आर्थिक दृष्टिकोण से क्षेत्र को मजबूत करने वाली सहकारी चीनी मिल भी सरसावा नगर की पहचान रही है, जो 1960 के दशक से ही क्षेत्र को आर्थिक संपन्नता की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। स्वास्थ्य की दृष्टि से सरसावा क्षेत्र में लगभग 500 बीघा भूमि पर बना राजकीय मेडिकल कॉलेज भी विशेष पहचान दे रहा है। सरसावा सहारनपुर रोड पर ग्राम पिलखनी के समीप स्थित मेडिकल कॉलेज साल 2019 से देश को प्रतिवर्ष 100 योग्य चिकित्सक सौंप रहा है। धार्मिक दृष्टिकोण से भी सरसावा की पूरे देश में बड़ी पहचान है। सरसावा क्षेत्र के ग्राम पिलखनी में राधा स्वामी सत्संग ब्यास का करीब 3 हजार 5 सौ बीघा क्षेत्रफल में फैला मेजर सेंटर है।
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पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र भी पहचान
इसके अलावा उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम द्वारा विकसित किया गया पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र है, जहां पर बड़ी संख्या में लघु उद्यमी उद्योग लगाकर रोजगार के अवसर तो पैदा कर ही रहे हैं, साथ ही देश की तरक्की में भी आर्थिक रूप से बड़ा योगदान कर रहे हैं।
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