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UP: देवबंद में 30 अक्तूबर को होगा मदरसों के सबसे बड़े संगठन का इजलास, अभी से तैयारियां शुरू

Thu, 06 Oct 2022 07:49 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 06 Oct 2022 07:49 PM IST
सार

इजलास के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इजलास में मदरसों की समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था को ओर अधिक बेहतर बनाने के लिए चर्चा होगी।

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Saharanpur: the largest organization of madrasas will be organized in Deoband on 30 October
दारुल उलूम देवबंद - फोटो : डेमो

विस्तार

मदरसों की समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के लिए दारुल उलूम में मदरसों के सबसे बड़े संगठन कुलहिंद राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया का सम्मेलन 30 अक्तूबर को आयोजित होगा। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 

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पिछले माह संस्था की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की बैठक में कुलहिंद राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया का इजलास बुलाए जाने का निर्णय लिया गया था। इसी को लेकर बृहस्पतिवार को दारुल उलूम ने सभी संबद्ध मदरसों के लिए लेटर जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि 30 अक्तूबर को सम्मेलन होगा, जबकि 29 अक्तूबर को वर्किंग कमेटी की बैठक होगी। सम्मेलन में मदरसों की समस्याओं को लेकर चर्चा होगी। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने सहित अन्य मुद्दों पर विचार किया जाएगा। बता दें कि कुलहिंद राब्ता मदारिस-ए-इस्लामिया में देशभर के करीब साढ़े चार हजार मदरसे जुड़े हुए हैं, जबकि इसकी वर्किंग कमेटी में 50 सदस्य हैं। 
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शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर होगी चर्चा : मोहतमिम
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने सम्मेलन के संबंध में बताते हुए कहा कि मदरसों में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने, मदरसों के निजाम को ठीक रखना तथा समस्याओं का समाधान कराना दारुल उलूम के बुनियादी मकसद में शामिल है। जिसके लिए मदारिस-ए-इस्लामिया विभाग की स्थापना की गई है। 30 अक्तूबर को एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में इजलास बुलाया गया है।
 

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