उत्तराखंड के बैजरो क्षेत्र के बीरोंखाल ब्लॉक के कांडा मल्ला गांव की बेटी रचना के घर पर मंगलवार सुबह से शादी की चहल-पहल थी। शादी के बाद पति के साथ अपने भविष्य के सपने बुन रही दुल्हन रचना को क्या मालूम था कि उसके घर आने वाले बरातियों के साथ यह हादसा हो जाएगा और उसके घर तक बरात नहीं पहुंच पाएगी। हादसे में दूल्हे के परिजनों समेत 48 लोगों की मौत हो गई। इसमें बिजनौर जनपद के चार बैंड वाले भी शामिल थे। रचना के घर में जहां कई दिनों से शादी की तैयारियां चल रही थीं। वहीं इस हादसे के बाद उसके घर ही नहीं पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है।
हादसा: शादी के जोड़े में तैयार थी दुल्हन, मात्र 500 मीटर दूर थी बरात, एक कॉल से मातम में बदल गईं खुशियां
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परिवार के लोगों को गांव से 500 मीटर पहले बरात की बस के खाई में गिरने और बरातियों के लापता होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। दूल्हा संदीप के सलामत होने की सूचना पर लोगों ने कुछ राहत की सांस ली लेकिन बरात की बस में दूल्हे के परिजनों और अन्य बरातियों की मौत की खबर ने सबको चौका दिया।
रात तक भी गांव तक नहीं पहुंच सका दूल्हा
बरात की तैयारी में लगे लोग कामकाज छोड़कर दुल्हन के आंगन में एकत्र हो गए तो कई लोग घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। दुल्हन देर रात तक दूल्हे का इंतजार करती रही लेकिन हालात ऐसे हो गए कि दूल्हा दुल्हन के गांव तक नहीं पहुंच सका। भीषण हादसे के बाद वह घायलों को अस्पताल पहुंचाकर अपने घर लौट गया। किसी को भी यह अंदेशा नहीं था कि बेटी के घर आने वाली बरात घर ही नहीं पहुंचेगी।
बिजनौर के चार परिवारों पर बरसा कहर
इस हादसे में बिजनौर जनपद के मंडावली निवासी इश्तियाक उर्फ गुड्डू (35) पुत्र मुस्ताक, औरंगपुर भिक्कू निवासी इलियास पुत्र रईसू (50), मिर्जापुर सैद निवासी अनीस पुत्र सुक्खे (50), जालपुर निवासी विशाल पुत्र बाबूराम (22) शामिल हैं। मंडावली निवासी शादान पुत्र मुस्ताक (17) और निखिल (16) पुत्र मामराज गंभीर रूप से घायल हैं।
शाहबुद्दीन ठेकेदार ने बताया कि लालढांग में मंडावली निवासी इश्तियाक की बैंड-बाजे की दुकान है। इश्तियाक मंडावली से पांच और लोगों को बरात में बैंड बाजा बजाने के लिए मजदूरी पर ले गया था।
ओवरलोडेड थी बरात की बस
उत्तराखंड में ओवरलोडिंग एक बार फिर बड़े हादसे का सबब बन गई। सिमड़ी में हादसे की शिकार हुई जीएमओयू की 32 सीटर बस में 52 बराती सवार थे। लालढांग से कोटद्वार, रिखणीखाल होते हुए सिमड़ी तक पहुंची बस को कहीं भी पुलिस और परिवहन विभाग ने नहीं रोका।
लालढांग क्षेत्र से पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के गांव कांडा मल्ला में मंगलवार देर शाम बरात जा रही थी। बरातियों से भरी बस गांव सिमड़ी के पास नयार नदी की घाटी में जा गिरी। हादसे में बस के मालिक और चालक दिनेश सिंह गुसाईं की भी मौत हो गई।