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संगीत के क्षेत्र में चमक बिखेर रहे सहारनपुर के सितारे

Sun, 21 Jun 2020 12:01 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2020 12:01 AM IST
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Saharanpur stars are shining in the field of music
गायक शबाब साबरी - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। गायन, वादन और नृत्य। संगीत की इन तीनों ही विधाओं में सहारनपुर के कलाकारों ने खुद को साबित किया है। वर्तमान में बॉलीवुड में आधा दर्जन से अधिक कलाकार सहारनपुर का नाम रोशन कर रहे हैं। सहारनपुर का संगीत से नाता बरसों पुराना है।
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कैराना घराना देश का सबसे बड़ा संगीत घराना माना जाता है, जिसकी छाप सहारनपुर पर भी रही है। संगीत गुरु सुशील नाज बताते हैं कि सुप्रसिद्घ गायक मोहम्मद रफी के उत्साद अब्दुल वहीद खां सहारनपुर के थे। आज भी उनके वंशज संगीत से जुड़े हुए हैं और अच्छा काम कर रहे हैं। वादन क्षेत्र की बात करें तो सहारनपुर से करीब 50 वर्ष पहले तबलावादक शराफत अली मुंबई गए थे, जिन्होंने बड़े संगीतकारों के साथ काम किया। बाद में उनके बेटे साजिद और वाजिद बड़े म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में उभरे हैं, जिनमें से वाजिद अब नहीं रहे हैं। मौजूदा दौर में शबाब साबरी, अल्तमश फरीदी, शादाब फरीदी जैसे अनेक गायकों ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई है। नृत्य के क्षेत्र में कई नाम हैं। पद्मश्री भारत भूषण की बेटी प्रतिष्ठा शर्मा योग के साथ ही कथक की बड़ी नृत्यांगना हैं। उन्होंने दुनिया भर के अनेक देशों में अपने नृत्य का प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया।
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रियलिटी शो से मिली पहचान: फरीदी
कुछ लोग रियलिटी शो को अच्छा नहीं मानते हैं, मगर रियलिटी शो ने शहर के अनेक कलाकारों को पहचान दी है। गायन के क्षेत्र में इंडियन आइडल फेम अल्तमश फरीदी, शादाब फरीदी और रुपाली जग्गा। बच्चों के रियलिटी शो में विरद त्यागी विजेता रहे हैं। इनके अलावा नृत्य क्षेत्र में डीआईडी फेम रंजना नैब, बुगी वुगी रनर रही फाल्गुनी भारद्वाज समेत कई कलाकार शामिल हैं। अल्तमश फरीदी का कहना है कि रियलिटी शो में भले ही आप विजेता ना बनें मगर आपको पहचान मिलती है। जहां से स्टार्ट लेकर आप आगे बढ़ सकते हैं।
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स्कूलों में संगीत की ओर रुझान
कक्षा एक से 12 तक के सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में संगीत को लेकर कुछ नहीं है। मगर जब से तमाम रियलिटी शो शुरू हुए हैं और शहर के ही कई कलाकारों को पहचान मिली है तब से इंग्लिश मीडियम स्कूलों ने संगीत को एक तरह से अनिवार्य किया है। आज जनपद के 60 फीसदी से अधिक विद्यालयों मेें संगीत के शिक्षक तैनात हैं। जो गायन और वादन दोनों चीजें बच्चों को सिखाते हैं।

रूपाली जग्गा

रूपाली जग्गा- फोटो : SAHARANPUR

अल्तमश फरीदी

अल्तमश फरीदी- फोटो : SAHARANPUR

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