Saharanpur: सरदार वीएम सिंह बोले-एमएसपी पर फसल खरीद होने से सुधरेगी किसानों की हालत
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह आज सहारनपुर के नन्दी गांव में किसान पंचायत में शामिल हुए। यहां उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं के लिए किसानों को एकजुट होकर लड़ना होगा।
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि एमएसपी पर फसल खरीद होने से ही किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। कम से कम 500 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया जाए।
फसलों को अच्छा भाव मिले तो मजदूरी भी बढ़े: वीएम सिंह
शनिवार को ग्राम नन्दी में आयोजित किसान पंचायत में उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों का अच्छा भाव मिलेगा तो मजदूरी भी बढ़ेगी। इस रुपये से बाजार में खरीदारी होगी, जिससे अर्थव्यवस्था में गति आएगी। एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी के लिए किसानों को एकजुट होकर साथ खड़ा होना होगा।
मस्जिद में अजान होने के दाैरान बंद रखा भाषण
किसानों के 27 वर्षों के बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज पाने के लिए संघर्ष चल रहा है, जो करीब 15 हजार करोड़ रुपये बैठता है। सरकार किसानों को सम्मान निधि देने के नाम पर छह हजार रुपये सालाना दे रही है, यदि बकाया पर ब्याज मिल जाए तो किसान को 50 से 60 हजार रुपये प्रति एकड़ मिल सकते हैं। ब्याज देने के मामले में सरकार का कहती है कि इतनी धनराशि देने पर मिलें बंद हो जाएंगी।
कहा कि किसानों के इतने संगठन हो गए हैं कि जिसे जिलाध्यक्ष पद से हटा दो वह अपना संगठन बनाकर सीधा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाता है। ऐसे भी राष्ट्रीय अध्यक्ष है जिन्होंने कभी खेती भी नहीं की है, उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं।
संबोधन के दौरान मस्जिद में अजान होने पर उन्होंने भाषण बंद कर दिया। इसके बाद ही उन्होंने किसानों को संबोधित किया। अध्यक्षता चरण सिंह ने की।
पार्टी बनाकर चुनाव लडें किसान
सरदार वीएम सिंह ने कहा कि राजनीतिक दलों से जुडे नेता किसानों की उपेक्षा कर रहे हैं। किसानों की वोटों से चुनाव जीतने वाले नेता उनकी समस्याओं को दूर कराने में साथ नहीं दे रहे हैं। पहले वोट देकर सरकार बनवाते हैं फिर किसानों को अपने मांगों को पूरा कराने के लिए धरना दे देना पड़ रहा है।
इसलिए किसान अपनी राजनीतिक पार्टी बनाकर एमपी, एमएलए का चुनाव लडें और किसान विरोधी नेताओं को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएं। किसानों को एमएसपी पर फसल खरीद की साथ दूध की खरीद की भी गारंटी दी जाए।