शातिर दिमाग: महंगे फोन खरीद बेचते थे गिरोह के सदस्य, कंपनी को ऐसे लगाया लाखों का चूना, अफसरों के भी उड़े होश
Saharanpur News : सहारनपुर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके बारे में जानकर हर किसी के होश उड़ गए। इस गिरोह के सदस्य महंगे फोन को फाइनेंस कराकर बेच देते थे। यह गिरोह कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगा चुका है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को दबोचा है।
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सहारनपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल फोन फाइनेंस करने वाली कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 30 लाख रुपये कीमत के 21 मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी आधार और पैन कार्ड बरामद हुए हैं।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि अंबाला रोड के मोबाइल फोन कारोबारी आशू जेटली ने 11 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि एक गिरोह अलग-अलग दुकानों से एक से डेढ़ लाख रुपये की कीमत के मोबाइल फोन खरीदकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फाइनेंस कराकर हड़प रहा है। आरोपी पहली किश्त जमा कराते थे। इसके बाद आरोपी किश्त नहीं देते। छानबीन की गई तो दस्तावेज फर्जी निकले हैं। इसलिए फाइनेंस कंपनी और दुकानदार रिकवरी के लिए आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने को पुलिस टीमों को लगाया गया। बृहस्पतिवार को एक सूचना के आधार पर कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने रेलवे रोड से अंकित पुत्र कृष्णपाल, जोनी पुत्र बलवंत निवासी मोहल्ला पटेलनगर, अविश पुत्र मनीष निवासी गंगा इनकलेव देहरादून, उम्मेर पुत्र यूसुफ खान निवासी मोहल्ला मुत्रीबान थाना कुतुबशेर, अंकित पुत्र केशव निवासी शिमला बाईपास देहरादून को गिरफ्तार किया।
वहीं, आरोपियों की निशानदेही पर 30 लाख रुपये कीमत के 21 मोबाइल फोन बरामद हुए। यह मोबाइल फोन आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड सहित अन्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सहारनपुर, देहरादून और रुड़की में अलग-अलग दुकानों से फाइनेंस कराए थे।
आधार कार्ड और पैन कार्ड पर बदल देते थे फोटो और पता, कई फरार
एसपी सिटी ने बताया कि इस गिरोह में रोहित अग्रवाल, जतिन सैनी निवासी सुभाषनगर, शिवा उर्फ अंकित निवासी भूतोवाला चौक देहरादून, रविंद्र निवासी गांव ढिकौली बागपत, इरफान निवासी देवबंद भी शामिल हैं। रोहित देहरादून में फाइनेंस कंपनी में रिकवरी का कार्य करता है। वही लोगों के आधार कार्ड और पैन कार्ड उपलब्ध कराता था। यह सभी आरोपी फरार हैं। अंकित पुत्र केसर लैपटॉप से फोटो और नाम पता बदल देता था।
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50 से 70 हजार में बेच देते थे मोबाइल फोन
आरोपी एक से डेढ़ लाख रुपये तक के मोबाइल फोन फाइनेंस कराते थे, जिसके बाद उन्हें 50 से 70 हजार रुपये में बेच देते थे। आरोपियाें के बरामद सभी मोबाइल फोन सैमसंग कंपनी के हैं।
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