सहारनपुर डबल मर्डर केस: इंसाफ की आस में सूख गए परिजनों के आंसू,हत्यारों का नहीं लगा सुराग,आखिर कब मिलेगा इंसाफ
सहारनपुर डबल मर्डर केस : इंसाफ की आस में परिजनों के आंसू भी सूख गए लेकिन, हत्यारों का सुराग नहीं लगा। सवाल है कि आखिर पीड़ित परिजनों को कब इंसाफ मिलेगा।
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सहारनपुर में गंगोह के गांव मोहनपुरा में सगे भाई पुन्नू भगत व लीलू भगत की हत्या हुए 15 माह बीत गए, लेकिन हत्यारे कौन थे, यह अभी बड़ा सवाल है। इस दरमियान तीन विवेचक बदले गए। क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम ने भी जांच की, लेकिन नतीजा कोई नहीं निकला और घटना अभी एक राज है। अब तो पुलिस ने मामले को रामभरोसे छोड़ दिया है।
18 नवंबर 2021 की सुबह थाना गंगोह के गांव मोहनपुरा निवासी पुन्नू भगत और उनके छोटे भाई लीलू भगत की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे खेत पर बने देवस्थान पर पूजा करने गए थे। हत्यारे वहां पहले से ही घात लगाए बैठे थे। मामले की जांच तत्कालीन गंगोह इंस्पेक्टर प्रवेश सिंह ने शुरू की। इसके बाद इंस्पेक्टर परविंदर पाल सिंह और अब इंस्पेक्टर जसबीर सिंह जांच कर रहे हैं। जसबीर सिंह का कहना है कि हर बिंदु पर दोहरे हत्याकांड की जांच हो चुकी है, लेकिन फिलहाल हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिला है।
पुलिस अब तक 250 लोगों से कर चुकी हैं पूछताछ
दोनों भाइयों को वारदात से कुछ समय पहले धमकी मिली थी, लेकिन जिन लोगों ने धमकी दी थी, उनसे पूछताछ में भी कोई सुराग नहीं मिला है। इसके बाद पुलिस संदेह के आधार पर अब तक करीब 250 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं।
मोबाइल काल डिटेल खंगाली, पर नहीं लगा सुराग
वारदात के समय क्षेत्र में सक्रिय रहे मोबाइल फोन नंबर भी खंगाले। कुछ मोबाइल फोन को सर्विलांस पर भी लिया। पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन की डिटेल खंगाली, लेकिन ऐसा कोई सुराग नहीं मिला जो हत्यारों तक पहुंचने में मददगार साबित होता।
तंत्रमंत्र, प्रेम प्रसंग और रंजिश के बिंदु पर भी की जांच
दोनों भाई ज्योतिष का काम करते थे। शुरू में पुलिस को शक था कि हत्या के पीछे तंत्रमंत्र वजह हो सकता है। इस बिंदु पर भी जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। इसके बाद प्रेम-प्रसंग, चुनावी रंजिश, लेनदेन का विवाद आदि बिंदुओं पर जांच की गई।
न फॉरेसिंक जांच काम आई और न क्राइम ब्रांच की काबिलियत
फॉरेंसिक टीम ने नमूने लिए थे, लेकिन इससे भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। गंगोह पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम को भी इस वारदात के खुलासे के लिए लगाया। क्राइम ब्रांच में क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों से कई-कई बार पूछताछ की।
हमें चाहिए इंसाफ, किसी पर शक नहीं
पुन्नू भगत और लीलू भगत के भतीजे आशीष का कहना है कि परिवार को इंसाफ चाहिए और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिवार को किसी पर शक नहीं है। पुन्नू भगत के दो लड़के और दो पुत्रियां हैं, जो अपनी मां मोहिनी के साथ वर्तमान में बड़ौत में रह रहे हैं, लीलू भगत का पत्नी रीना मोहनपुरा में ही रहती है। लीलू भगत के एक छोटी पुत्री और एक पुत्र है।
दोहरे हत्याकांड में हर पहलु से जांच हो चुकी है, लेकिन अभी कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस टीमें लगी हैं। पुलिस खुलासे के लिए लगातार प्रयास कर रही है। - डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी