MSME For Bharat: 'सस्ती बिजली, आसान हो प्रक्रिया तो न भागें उद्यमी', कॉन्क्लेव में गूंजी उद्यमियों की आवाज
सहारनपुर में अमर उजाला के एमएसएमई कॉन्क्लेव में उद्यमियों और व्यापारियों ने बिजली दरें कम करने, उद्योग लगाने की प्रक्रिया आसान बनाने और सुविधाएं बेहतर करने की मांग उठाई। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
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अमर उजाला द्वारा आयोजित एमएसएमई कॉन्क्लेव में उद्यमियों और व्यापारियों ने उद्योगों से जुड़ी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। सबसे बड़ी मांग रही कि बिजली दरें सस्ती हों और नई औद्योगिक इकाई लगाने की प्रक्रिया सरल बनाई जाए। उद्यमियों ने कहा कि यूपी में एक यूनिट लगाने के लिए महीनों तक लखनऊ के चक्कर काटने पड़ते हैं, जबकि हरियाणा और पंजाब में यही काम दो-तीन दिन में हो जाता है।
वुड कार्विंग कारोबारियों ने कहा कि सहारनपुर का यह उद्योग प्रदेश को सबसे अधिक विदेशी मुद्रा दिलाता है, इसके बावजूद इसे हमेशा अनदेखा किया गया है। उद्योग आज भी दशकों पुरानी स्थिति में है और कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। व्यापार मंडल ने जीएसटी अधिकारियों पर ज्यादा वसूली का दबाव बनाने का आरोप लगाया और नगर निगम व प्राधिकरण पर सुविधाएं न देने की शिकायत की।
जनप्रतिनिधियों ने मंच से समाधान का भरोसा दिया। संसदीय कार्य राज्य मंत्री जसवंत सैनी ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश की तस्वीर बदली है और अब उद्योग पलायन नहीं कर रहे, बल्कि नए उद्योग आ रहे हैं। महापौर डॉ. अजय कुमार ने सफाई से जुड़ी समस्याएं दो दिन में दूर कराने का वादा किया और एक वर्ष के भीतर सभी डलावघर खत्म करने का आश्वासन दिया।
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नगर विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि अगले महीने नए बस अड्डे का उद्घाटन कराया जाएगा और उद्यमियों के साथ खड़े रहने का वचन दिया। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि सहारनपुर की सड़क कनेक्टिविटी बेहतरीन है और 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता से कराया जाएगा।