फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Saharanpur: MP Imran Masood stated that the mosque is on their own property

Saharanpur: सांसद इमरान मसूद बोले- मस्जिद अपनी मिलकियत पर, आपत्ति है तो कलक्ट्रेट कहीं और बना लें

Fri, 17 Jul 2026 08:24 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: Mohd Mustakim Updated Fri, 17 Jul 2026 08:24 PM IST
सार

सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अवैध बताया और 30 दिन में हटाने का आदेश दिया है। सांसद ने इस मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की। साथ ही कहा कि कलक्ट्रेट में मंदिर भी है। आज मस्जिद हटाने को कहा है, कल को मंदिर हटाने को भी कह देंगे। 

विज्ञापन
Saharanpur: MP Imran Masood stated that the mosque is on their own property
मीडिया से बात करते इमरान मसूद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध करार देने के बाद मामले ने सियासी रंग ले लिया है। सांसद इमरान मसूद और एमएलसी शाहनवाज खान शुक्रवार को मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह न्यायिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक फैसला ज्यादा लग रहा है। प्रशासन जमीन का मालिक नहीं है। ऐसे में मस्जिद को अवैध नहीं बताया जा सकता। प्रशासन पहले अपनी मिलकियत (स्वामित्तव) साबित करे। संविधान के दायरे में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। यह आदेश अदालत में टिक नहीं पाएगा।
विज्ञापन

 

बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध करार दिया था। मस्जिद को हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सांसद इमरान मसूद, एमएलसी शाहनवाज खान के साथ बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज अदा करने के बाद सांसद इमरान मसूद ने मीडिया से बातचीत करते हुए जिला प्रशासन और सरकार पर निशाना साधा। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि मिल्कियत खेवट से तय होगी। खेवट नंबर 10/1 आज भी रिकॉर्ड के मुताबिक वाहिद खां, याकूब खां के नाम है। यह संपत्ति आज भी उनके नाम चली आ रही है। उनकी संपत्ति में ही मस्जिद बनी हैं। पहले बड़ा जमींदार होता था। जमीन की कुछ खास कीमत नहीं होती थी। लिहाजा उन्होंने कलक्ट्रेट बनाने के लिए उस समय जमीन दे दी थी। 
 
विज्ञापन

कलक्ट्रेट की मिलकियत का कोई भी दस्तावेज प्रशासन के पास नहीं है। इसलिए उन्होंने आदेश में खसरे का जिक्र किया है। खसरा तो स्थिति के लिए है। खसरे में स्थिति कलक्ट्रेट है, लेकिन मिलकियत कलक्ट्रेट की नहीं है। इसी कलक्ट्रेट में मंदिर भी बना है। तंज कसते हुए कहा कि आप मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। कल आप मंदिर के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे। किसी को न तो मस्जिद से दिक्कत है और न ही किसी को मंदिर से परेशानी है। 
 

उन्होंने कहा कि एकतरफा आदेश कर दिया। मस्जिद अपनी मिलकियत पर है, कलक्ट्रेट अपनी मिलकियत पर नहीं है। जमीन कलक्ट्रेट बनाने के लिए दी गई थी। यदि आपत्ति है तो जमीन छोड़ दें। कलक्ट्रेट कहीं और बना लें। बता दें, कि कोई भी संपत्ति यदि किसी व्यक्ति या संस्था या फिर सरकार की होती है और उस पर पूरा नियंत्रण उन्हीं का होता तो मिलकियत या स्वामित्व कहा जाता है।

 

पुलिस प्रशासन रहा चौकन्ना
बृहस्पतिवार को आए इस फैसले के बाद शुक्रवार सुबह से ही पुलिस-प्रशासन चौकन्ना रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को कलक्ट्रेट से दूर तैनात किया गया था। दोपहर के समय जब सांसद इमरान मसूद पहुंचे, तब अचानक हलचल शुरू हो गई। हालांकि सबकुछ शांतिपूर्ण रहा।

ये भी देखें...
Shamli: सीएम की जनसभा से लौट रहीं भाकियू महिला की ब्लॉक अध्यक्ष को टोल कर्मियों ने पीटा, बाल पकड़कर घसीटा

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed