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Saharanpur: निरीक्षण में भड़के महापौर, लिपिक को पीटते हुए दफ्तर से बाहर निकाला, तबीयत बिगड़ी-हंगामा
Fri, 05 Dec 2025 04:33 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Fri, 05 Dec 2025 04:33 PM IST
सार
सहारनपुर नगर निगम में निरीक्षण के दौरान महापौर डॉ. अजय कुमार ने लापरवाही पर लिपिक को पीटते हुए ऑफिस से बाहर निकाला। गनर ने पकड़कर महापौर ऑफिस पहुंचाया। तनाव के बाद लिपिक की तबीयत बिगड़ी और साथियों ने घर भेजा।
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लिपिक से मारपीट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सहारनपुर में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग का निरीक्षण करने पहुंचे महापौर डॉ. अजय कुमार लिपिक को पीटते हुए बाहर निकाला। इसके बाद महापौर का गनर लिपिक को अनराधी की तरह पकड़कर उनके कार्यालय ले गया। वहां से लिपिक रोते हुए बाहर निकला। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। साथी लिपिकों ने दो कर्मचारियों के साथ घर भिजवाया। आरोप है कि लिपिक ने महापौर के साथ बहस की।
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महापौर डॉ. अजय कुमार शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे अचानक निरीक्षण करने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग में पहुंचे। उन्होंने जाते ही दरवाजा बंद कर दिया। उनका गनर और अर्दली बाहर ही रुक गए, जबकि अनुभाग के प्रभारी एवं अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय, पार्षद मनोज प्रजापति, पीए अभिषेक सहित कई लोग अंदर ही रहे।
यहां महापौर ने लिपिक सुरेंद्र सिंह और स्टाफ से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों के बारे में पूछताछ की। प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी का कारण पूछा। रजिस्टर चेक करते हुए उनमें खामियां पकड़ी और रिकॉर्ड दिखाने को कहा। लापरवाही पर नाराज होते हुए महापौर ने लिपिक को हवालात भिजवाने की चेतावनी दी।
यहां महापौर ने लिपिक सुरेंद्र सिंह और स्टाफ से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों के बारे में पूछताछ की। प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी का कारण पूछा। रजिस्टर चेक करते हुए उनमें खामियां पकड़ी और रिकॉर्ड दिखाने को कहा। लापरवाही पर नाराज होते हुए महापौर ने लिपिक को हवालात भिजवाने की चेतावनी दी।
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जब महापौर ने पूछा कि रिकॉर्ड दुरुस्त क्यों नहीं है तो लिपिक ने कहा कि जगह नहीं है। इस पर महापौर ने कहा कि सलाखों के पीछे बहुत जगह होती है। लिपिक ने कह दिया कि कोई बात नहीं। महापौर आग बबूला हो गए और लिपिक को उनके केबिन से पकड़कर बाहर खींचा और सिर के पीछे चांटा मारते हुए कमरे से बाहर निकाला।
इसके बाद महापौर आगे-आगे चलते रहे और उनका गनर लिपिक का हाथ पकड़कर पीछे-पीछे महापौर कार्यालय पहुंचा। वहां करीब आधा घंटा लिपिक को बंद कमरे में फटकार लगाई गई। जब लिपिक महापौर दफ्तर से बाहर निकले तो उनकी आंखों में आंसु थे। इसके बाद लिपिक अपने कार्यालय पहुंचा, जहां तबीयत बिगड़ गई। साथी कर्मचारी लिपिक को घर छोड़कर आए।
इसके बाद महापौर आगे-आगे चलते रहे और उनका गनर लिपिक का हाथ पकड़कर पीछे-पीछे महापौर कार्यालय पहुंचा। वहां करीब आधा घंटा लिपिक को बंद कमरे में फटकार लगाई गई। जब लिपिक महापौर दफ्तर से बाहर निकले तो उनकी आंखों में आंसु थे। इसके बाद लिपिक अपने कार्यालय पहुंचा, जहां तबीयत बिगड़ गई। साथी कर्मचारी लिपिक को घर छोड़कर आए।