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Saharanpur: महमूद मदनी बोले- जस्टिस शेखर यादव का बयान देश को तोड़ने वाला, कार्रवाई हो
Wed, 11 Dec 2024 09:41 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 11 Dec 2024 09:41 PM IST
सार
मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि कई ईमानदार न्यायाधीश हैं, जिनके फैसलों से देश का सम्मान बढ़ता है। लेकिन जस्टिस यादव ने अपने बयान से इस पेशे की मर्यादा को तार-तार किया है।
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मौलाना महमूद मदनी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शेखर यादव के हालिया विवादास्पद बयान की कड़ी आलोचना की है। मदनी ने कहा कि उन्होंने अपने पद की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। अफसोस है कि एक सशक्त प्रतिनिधि देश को तोड़ने वाली शक्तियों का सहयोगी बन रहा है।
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मौलाना महमूद मदनी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह बहुत दुखद है कि जिन न्यायालयों से न्याय और निष्पक्षता के माध्यम से सभी वर्गों को एकजुट करने की आशा की जाती है, उनका एक सशक्त प्रतिनिधि देश को तोड़ने वाली शक्तियों का सहयोगी बन रहा है। मौलाना मदनी ने कहा कि उन्हें संविधान का प्रतिनिधि होना चाहिए, जबकि वह संविधान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। न्यायपालिका के सदस्य होने के नाते जस्टिस यादव को इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि उनके इस तरह के बयान से सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि न्याय पालिका एक निष्पक्ष संस्था है और उसका कर्तव्य है कि वह संविधान की सर्वोच्चता को बनाए रखे और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे। देश में कई सक्षम और ईमानदार न्यायाधीश हैं, जिनके फैसलों से देश का सम्मान बढ़ता है। लेकिन जस्टिस यादव ने अपने बयान से इस पेशे की मर्यादा और इससे जुड़े लोगों के अच्छे नामों पर पानी फेर दिया है। मौलाना मदनी ने मामले की गहन जांच कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।