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Saharanpur: पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा रजिस्टर्ड कराना आसान, बस इतने रुपये लगेगी फीस, ये रहेगा नियम
Mon, 15 Sep 2025 05:27 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 15 Sep 2025 05:27 PM IST
सार
शासन ने आदेश जारी किए हैं, जो स्थानीय रजिस्ट्री कार्यालय पर पहुंच गए हैं। नए नियम के तहत पांच हजार रुपये स्टांप शुल्क और पांच हजार रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ कानूनी रूप से पारिवारिक संपत्ति का बंटवाया किया जा सकता है।
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रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा कराने वाले लोगों की लगी भीड़। सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा रजिस्टर्ड कराना आसान हो गया है। प्रदेश सरकार ने शुल्क में छूट प्रदान करने के साथ प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अब मात्र दस हजार रुपये खर्च कर बंटवारे की डीड मिल जाएगी। इनमें पांच हजार रुपये स्टांप शुल्क और पांच हजार रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा।
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पारिवारिक बंटवारे में छूट प्रदान करने के संबंध में चार सितंबर को शासनादेश जारी किया गया था। इसके बाद सभी निबंधन कार्यालयों में इस आदेश को लागू कर दिया गया है। आदेश के तहत यह छूट केवल कृषि, आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों के बंटवारे में लागू होगी। फर्म, सोसायटी, ट्रस्ट व कंपनी के मामले में यह नियम लागू नहीं होगा।
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नए नियम के तहत तीन पीढ़ी की पैतृक अचल संपत्ति को रजिस्टर्ड कराया जा सकता है। यह छूट केवल उन विभाजन विलेखों पर पर ही उपलब्ध होगी, जिसमें पैतृक संपत्ति का विभाजन संपत्तियों के सहस्वामियों के बीच होगा। साथ ही पक्षकारों के बीच में तीन पीढ़ियों का सम्मिलित होना जरूरी होगा।
पहले लोग दानपत्र के माध्यम से संपत्ति को रजिस्टर्ड कराते थे। इसमें पांच हजार रुपये का का स्टांप और संपत्ति का एक फीसदी पंजीकरण शुल्क जमा कराना होता था। इसके अलावा एसडीएम कोर्ट में धारा-116 के तहत वाद दाखिल होता था। ऐसे में सुनवाई में कई बार अधिक समय लग जाता था।
ये देने होंगे साक्ष्य
पारिवारिक बंटवारे को रजिस्टर्ड कराने के लिए पक्षकारों को डीड प्रस्तुत करते समय एक से अधिक साक्ष्य देने होंगे। इसके लिए स्टांप एवं निबंधन विभाग ने विकल्प भी दिए हैं। इन विकल्पों के तहत सक्षम न्यायालय की ओर से निर्गत उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र, खतौनी, सक्षम प्राधिकारी की ओर से निर्गत पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र, नगरीय निकायों के नामांतरण संबंधी अभिलेख, परिवार रजिस्टर, उत्तर प्रदेश फैमिली आईडी, सरकारी सेवकों के लिए सर्विस बुक आदि विकल्प रहेंगे।
पारिवारिक बंटवारे को रजिस्टर्ड कराने के लिए पक्षकारों को डीड प्रस्तुत करते समय एक से अधिक साक्ष्य देने होंगे। इसके लिए स्टांप एवं निबंधन विभाग ने विकल्प भी दिए हैं। इन विकल्पों के तहत सक्षम न्यायालय की ओर से निर्गत उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र, खतौनी, सक्षम प्राधिकारी की ओर से निर्गत पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र, नगरीय निकायों के नामांतरण संबंधी अभिलेख, परिवार रजिस्टर, उत्तर प्रदेश फैमिली आईडी, सरकारी सेवकों के लिए सर्विस बुक आदि विकल्प रहेंगे।
ये बोले एआईजी स्टांप
पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा रजिस्टर्ड कराने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। इसके तहत पांच हजार रुपये का स्टांप शुल्क और पांच हजार रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा कराना होगा। सभी उपनिबंधकों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
- ब्रिजेश सिंह, एआईजी स्टांप।
पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा रजिस्टर्ड कराने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। इसके तहत पांच हजार रुपये का स्टांप शुल्क और पांच हजार रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा कराना होगा। सभी उपनिबंधकों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
- ब्रिजेश सिंह, एआईजी स्टांप।