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बड़ी मांग: देवबंद से मौलाना अरशद मदनी बोले- सीएए को भी कृषि कानूनों की तरह वापस ले सरकार

Sat, 20 Nov 2021 12:35 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 20 Nov 2021 12:35 AM IST
सार

पीएम मोदी के कृषि कानूनों को वापस लेने के एलान के बाद सीएए को वापस लेने की भी मांग उठ गई है। देवबंद से उलमा ने बयान जारी कर कहा कि कृषि कानूनों की तरह सीएए को भी वापस ले सरकार।

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Saharanpur Deoband News: Ulama says that the government should withdraw CAA like agricultural laws
मौलाना अरशद मदनी - फोटो : amar ujala

विस्तार

जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि इसके लिए महान बलिदान दिया गया। किसानों को बांटने की साजिशें भी रची गईं, लेकिन देश के किसान अपने रुख पर अडिग रहे। मौलाना मदनी ने सरकार से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को कृषि कानूनों की तरह वापस लेने की मांग की है। 

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शुक्रवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि एक बार फिर सच सामने आया है कि अगर किसी जायज मकसद के लिए ईमानदारी और धैर्य से आंदोलन चलाया जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है। यह निर्विवाद तथ्य है कि किसानों ने सीएए के खिलाफ आंदोलन के माध्यम से इतना मजबूत आंदोलन पाया जब महिलाएं भी न्याय के लिए दिन रात सड़कों पर बैठी रहीं। आंदोलन में शामिल होने वालों पर घोर अत्याचार किया गया और कई झूठे आरोपों के तहत गिरफ्तार किए गए, लेकिन आंदोलन को तोड़ा या दबाया नहीं जा सका।
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मौलाना मदनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि देश की संरचना लोकतांत्रिक है, इसलिए यह अपनी जगह पर सही है। इसलिए अब पीएम को उन कानूनों पर ध्यान देना चाहिए जो मुसलमानों के संबंध में लाए गए हैं। कृषि कानूनों की तरह ही सीएए भी वापस लेना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र और लोगों की शक्ति सर्वोपरि है। जो लोग सोचते हैं कि सरकार और संसद अधिक शक्तिशाली हैं, वे गलत हैं। जनता ने एक बार फिर किसानों के रूप में अपनी ताकत का परिचय दिया है। 

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