फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Saharanpur: Court rules on mosque in Collectorate complex; declared illegal, ordered to be removed within 30 d

UP: सहारनपुर में कलक्ट्रेट की दशकों पुरानी मस्जिद को हटाने का आदेश, कोर्ट ने दिया 30 दिन का समय

Thu, 16 Jul 2026 09:06 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: Mohd Mustakim Updated Thu, 16 Jul 2026 09:06 PM IST
सार

Saharanpur News: कलक्ट्रेट स्थित मस्जिद प्रकरण में नगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने फैसला सुना दिया। अप्रैल 2025 में वाद दायर हुआ था और करीब सवा साल में फैसला भी आ गया। प्रतिवादी पक्ष ने दावा किया था कि 1947 से पहले की मस्जिद है। मगर कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। 

विज्ञापन
Saharanpur: Court rules on mosque in Collectorate complex; declared illegal, ordered to be removed within 30 d
मस्जिद पर नोटिस चस्पा किया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बहुचर्चित कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने बृहस्पतिवार को बड़ा फैसला सुनाया है। आदेश में कहा कि 315 वर्ग मीटर पर अवैध कब्जा कर मस्जिद को बनाया गया है। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष ने दावा किया कि 1947 से पहले से मस्जिद मौजूद है, लेकिन वह कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। अदालत ने 30 दिन में मस्जिद हटाने के आदेश दिए हैं, साथ ही सरकारी भूमि पर कब्जा और उपयोग के मामले में 6.41 करोड़ रुपये भी वसूले जाएंगे।
विज्ञापन

 

Saharanpur: Court rules on mosque in Collectorate complex; declared illegal, ordered to be removed within 30 d
कलक्ट्रेट स्थित मस्जिद। - फोटो : अमर उजाला
साल 2025 में बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने इस संबंध में शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि सरकारी भूमि पर मस्जिद का निर्माण कराया गया है। परिसर में बने डाकघर और अन्य कमरों का किराया भी मस्जिद कमेटी द्वारा वसूला जा रहा है। इस शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई। 16 अप्रैल 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दाखिल किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

मामला खसरा नंबर 539, पठानपुरा कलक्ट्रेट कचहरी परिसर में 315 वर्ग मीटर में अवैध कब्जा कर मस्जिद बनाने को लेकर था। सुनवाई के दौरान तथ्य सामने आया कि जमीन राजस्व अभिलेखों में कचहरी, कलक्ट्रेट परिसर के रूप में दर्ज है, जो राज्य सरकार में निहित है। प्रशासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व अजय त्यागी, जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल विनय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश त्यागी ने पैरवी की। 
 
विज्ञापन

प्रतिवादी पक्ष ने दावा किया कि मस्जिद 1947 से पहले से मौजूद है। हालांकि वह कोई भी वैध स्वामित्व दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। मस्जिद दशकों पुरानी है। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद मस्जिद को अवैध बताते हुए 30 दिनों के भीतर हटाने और क्षतिपूर्ति जमा कराने के आदेश दिए हैं।

देर शाम प्रशासन की टीम ने मस्जिद पर नोटिस भी चस्पा कर दिया। वहीं, मस्जिद के मुतवल्ली तनवीर ने बताया कि उन्हें आदेश के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

ये भी देखें...
Meerut: पीएल शर्मा रोड पर कोचिंग सेंटर में मिला संचालिका का शव, पार्टनर पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed