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निगम के सहयोग से दोगुनी होगी आरटी-पीसीआर जांच क्षमता

Sat, 24 Apr 2021 11:04 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Apr 2021 11:04 PM IST
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RT-PCR test capability will be doubled with the help of corporation
सहारनपुर। नगर निगम के सहयोग से राजकीय मेडिकल कॉलेज की लैब में आरटी-पीसीआर जांच की क्षमता जल्द ही दोगुनी हो जाएगी। इसके बाद मरीजों को कोरोना की जांच रिपोर्ट के लिए चार से पांच दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जो फिलहाल करना पड़ रहा है। फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने नई मशीन के लिए कंपनी को ऑर्डर दिया हुआ है।
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बीते वर्ष तक आरटी-पीसीआर जांच के लिए चिकित्सा विभाग नमूनों को लखनऊ और मेरठ भेजता था। मगर कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए प्रदेेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज में लैब स्थापित कराई, जो बीते करीब दस माह से काम कर रही है। तब से आरटी-पीसीआर जांच राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर में ही की जा रही हैं। चूंकि लैब में आरटी-पीसीआर जांच के लिए एक ही मशीन लगी है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को चार से पांच दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों की रिपोर्ट पांच दिन के बाद तक भी नहीं आ रही है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। जल्द ही लैब में आरटी-पीसीआर जांच के लिए एक और मशीन स्थापित होगी। खास बात यह है कि नई मशीन के लिए नगर निगम सहारनपुर ने मेडिकल कॉलेज को 15 लाख रुपये की सहायता दी है। कॉलेज प्रशासन ने नई मशीन के लिए कंपनी को ऑर्डर दिया हुआ है। दस से 15 दिन में नई मशीन आने की उम्मीद जताई जा रही है। संवाद
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तीन हजार जांच की होगी क्षमता
फिलहाल राजकीय मेडिकल कॉलेज की लैब में आरटीपीसीआर जांच के लिए एक ही मशीन लगी है, जिसकी क्षमता एक दिन में 1500 जांच करने की है। मगर जिले भर से प्रतिदिन दो हजार से अधिक नमूने आरटीपी-सीआर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, जिसकी वजह से प्रतिदिन 500 से 700 सैंपल वेटिंग में चल रहे है। यही वजह है कि जांच रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन लग रहे हैं। कई मरीजों की रिपोर्ट पांच दिन के बाद भी नहीं मिल पा रही है। मगर एक और मशीन स्थापित होने के बाद लैब में जांच की क्षमता दोगुनी यानी तीन हजार जांच की हो जाएगी। जिसके बाद मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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देरी की वजह से बिगड़ रही तबीयत
जांच रिपोर्ट चार से पांच दिन में आने की वजह से मरीज को समय से सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। साथ ही रिपोर्ट आने तक वह पूरी सावधानी भी नहीं बरत रहे हैं। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने तक वह कई लोगों में संक्रमण फैला दिए होते हैं। साथ ही संक्रमण का पता चलने तक मरीज की तबीयत भी बिगड़ती चली जाती है, जिसके बाद कई बार इलाज भी काम नहीं आता है।
आरटी-पीसीआर जांच मशीन के लिए कंपनी को ऑर्डर दिया गया है। उम्मीद है कि दस से 15 दिन में मशीन कॉलेज को मिल जाएगी। उसके बाद लैब की आरटीपीसीआर जांच करने की क्षमता दोगुनी होगी और मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

- डॉ. संजीव कुमार, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज।
आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में हो रही देरी को देखते हुए नगर निगम ने राजकीय मेडिकल कॉलेज को एक और मशीन के लिए करीब 15 लाख रुपये की सहायता दी है। कोशिश यही है कि जनता का लाभ हो।
- संजीव वालिया, महापौर।
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