{"_id":"57702a1b4f1c1b691679a976","slug":"rosa-will-not-break-a-drip","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्लूकोज चढ़ाने से नहीं टूटेगा रोजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्लूकोज चढ़ाने से नहीं टूटेगा रोजा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
रमजान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में हेल्पलाइन पर रोजेदारों को कारी इसहाक गोरा ने रविवार को शरीयत की रोशनी में जवाब दिया। कुछ लोगों में ये गलतफहमी है कि रोजे की हालत में ग्लूकोज चढ़वाने से रोजा टूट जाता है।
उनके अनुसार ये सोच गलत है, बल्कि बीमारी की हालत में अगर कोई व्यक्ति aरोजे में ग्लूकोज चढ़वाता है तो उससे रोजा नहीं टूटेगा।
सवाल ः मलिहपुर से शाइस्ता ने इमाम सहारनपुर व मारूफ आलम ए दीन कारी सैय्यद इसहाक गोरा से हेल्पलाइन पर पूछा कि उनको पेट के किसी रोग की वजह से डॉक्टर कह रहे हैं कि ग्लूकोज चढ़ाना जरूरी है, परंतु वह रोजे से हैं। अब इस सूरत में वह किया करें ?
जवाब मिला कि ग्लूकोज से दी जाने वाली दवा को खाना पीना नहीं कहते। आप रोजे की हालत में ग्लूकोज चढ़वा सकती है इससे रोजा पर कोई असर नहीं आएगा।
सवाल ः मुरादाबाद से नवाब आलम ने पूछा कि वह रोजे से हैं, किया वह आँखों में सुरमा लगा सकते हैं, इससे रोजा तो नहीं टूटेगा?
जवाब मिला अगर कोई व्यक्ति रोजे की हालत में आँखों में सुरमा या काजल लगता है तो इससे रोजा नहीं टूटेगा, यहां तक कि अगर आँख में सुरमा लगने का असर थूक या नाक के बांसे में महसूस हो तब भी कोई हरज नहीं।
विज्ञापन
सवाल ः खुर्शीद अहमद ने अलीगढ़ से जानना चाहा कि उनके एक टीचर हैं जो कि माली हालत से बहुत कमजोर हैं, परंतु टीचर भी पिता सामान होते है। क्या उनको भी जकात नहीं दी जा सकती ?
जवाब दिया कि अगर टीचर गरीब है। उस पर जकात फर्ज नहीं तो ऐसे टीचर को जकात देना जायज तो है ही बल्कि उनको देने से सवाब ज्यादा मिलेगा।
सवाल ः अरशद जिया ने बड़गांव से मालूम किया कि वह आज ऐतेकाफ में बैठ रहे हैं, आप मुझे बताएं इसमें कोई खास इबादत शरीयत से मुकर्रर है, वह क्या है?
जवाब दिया गया कि ऐतेकाफ पर शरीयत में कोई खास इबादत की शर्त नहीं बताई गई है, आपको नमाज, कुरान करीम की तिलावत या दीन की पुस्तकों को पढ़ना या सुनना या जो मन चाहे इबादत करते रहना चाहिए।
सवाल ः शोएब ने सरसवा से पूछा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी बड़ी बहन को जकात देता है, तो किया ये जायज है?
जवाब मिला हां, अगर कोई व्यक्ति अपने भाई या बहन को जकात दे तो ये बिल्कुल जायज है।
आप हेल्पलाइन पर दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक इन नंबरों पर कॉल कर के अपनी शंकाओं को दूर कर सकते हैं। 9897399207, 8923636608, 9319462031, 9319309995
विज्ञापन
उनके अनुसार ये सोच गलत है, बल्कि बीमारी की हालत में अगर कोई व्यक्ति aरोजे में ग्लूकोज चढ़वाता है तो उससे रोजा नहीं टूटेगा।
सवाल ः मलिहपुर से शाइस्ता ने इमाम सहारनपुर व मारूफ आलम ए दीन कारी सैय्यद इसहाक गोरा से हेल्पलाइन पर पूछा कि उनको पेट के किसी रोग की वजह से डॉक्टर कह रहे हैं कि ग्लूकोज चढ़ाना जरूरी है, परंतु वह रोजे से हैं। अब इस सूरत में वह किया करें ?
विज्ञापन
जवाब मिला कि ग्लूकोज से दी जाने वाली दवा को खाना पीना नहीं कहते। आप रोजे की हालत में ग्लूकोज चढ़वा सकती है इससे रोजा पर कोई असर नहीं आएगा।
सवाल ः मुरादाबाद से नवाब आलम ने पूछा कि वह रोजे से हैं, किया वह आँखों में सुरमा लगा सकते हैं, इससे रोजा तो नहीं टूटेगा?
जवाब मिला अगर कोई व्यक्ति रोजे की हालत में आँखों में सुरमा या काजल लगता है तो इससे रोजा नहीं टूटेगा, यहां तक कि अगर आँख में सुरमा लगने का असर थूक या नाक के बांसे में महसूस हो तब भी कोई हरज नहीं।
विज्ञापन
सवाल ः खुर्शीद अहमद ने अलीगढ़ से जानना चाहा कि उनके एक टीचर हैं जो कि माली हालत से बहुत कमजोर हैं, परंतु टीचर भी पिता सामान होते है। क्या उनको भी जकात नहीं दी जा सकती ?
जवाब दिया कि अगर टीचर गरीब है। उस पर जकात फर्ज नहीं तो ऐसे टीचर को जकात देना जायज तो है ही बल्कि उनको देने से सवाब ज्यादा मिलेगा।
सवाल ः अरशद जिया ने बड़गांव से मालूम किया कि वह आज ऐतेकाफ में बैठ रहे हैं, आप मुझे बताएं इसमें कोई खास इबादत शरीयत से मुकर्रर है, वह क्या है?
जवाब दिया गया कि ऐतेकाफ पर शरीयत में कोई खास इबादत की शर्त नहीं बताई गई है, आपको नमाज, कुरान करीम की तिलावत या दीन की पुस्तकों को पढ़ना या सुनना या जो मन चाहे इबादत करते रहना चाहिए।
सवाल ः शोएब ने सरसवा से पूछा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी बड़ी बहन को जकात देता है, तो किया ये जायज है?
जवाब मिला हां, अगर कोई व्यक्ति अपने भाई या बहन को जकात दे तो ये बिल्कुल जायज है।
आप हेल्पलाइन पर दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक इन नंबरों पर कॉल कर के अपनी शंकाओं को दूर कर सकते हैं। 9897399207, 8923636608, 9319462031, 9319309995