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हक के लिए गरजे मेहनतकश
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 20 May 2016 12:00 AM IST
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hangama
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन कराने और इनका उल्लंघन करने वालों को दंडित करने सहित अन्य मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने उप श्रमायुक्त (डीएलसी) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने विभिन्न मांगों को लेकर डीएलसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बृहस्पतिवार को भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने लेबर कालोनी स्थित श्रम भवन पर प्रदर्शन किया।
डीएलसी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों का प्रभावी रूप से परिपालन कराया जाए। जो प्रतिष्ठान श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ प्रावधान के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
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ज्ञापन में बताया कि विभाग के न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों को अलग कर सेवानिवृत्त अधिकारियों के स्थान पर नियमित अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। प्रदेश के ट्रेड यूनियन विभाग को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की मांग करते हुए उन्होंने वर्तमान संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारियों के विवेक संबंधी अधिकारों को समाप्त करने और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम भेजे ज्ञापन में उन्होंने बताया कि राज्य एवं राज्य के समस्त निगमों के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का पूरा लाभ दिया जाए। इस दौरान विभाग प्रमुख केके शर्मा और जेपीएस सिसौदिया आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने विभिन्न मांगों को लेकर डीएलसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बृहस्पतिवार को भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने लेबर कालोनी स्थित श्रम भवन पर प्रदर्शन किया।
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डीएलसी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों का प्रभावी रूप से परिपालन कराया जाए। जो प्रतिष्ठान श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ प्रावधान के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
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ज्ञापन में बताया कि विभाग के न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों को अलग कर सेवानिवृत्त अधिकारियों के स्थान पर नियमित अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। प्रदेश के ट्रेड यूनियन विभाग को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की मांग करते हुए उन्होंने वर्तमान संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारियों के विवेक संबंधी अधिकारों को समाप्त करने और श्रम कानूनों का उल्लंघन करने करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम भेजे ज्ञापन में उन्होंने बताया कि राज्य एवं राज्य के समस्त निगमों के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का पूरा लाभ दिया जाए। इस दौरान विभाग प्रमुख केके शर्मा और जेपीएस सिसौदिया आदि मौजूद रहे।