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बड़ा खुलासा: मेडिकल स्टोरों पर बेची जा रही थीं नकली दवाएं, संचालकों के खिलाफ मामला कोर्ट में दायर

Tue, 02 Aug 2022 09:21 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 02 Aug 2022 09:21 PM IST
सार

कई मेडिकल स्टोरों पर नकली दवाएं बेची जा रही थीं। जांच में यह खुलासा हुआ है। वहीं मेडिकल संचालकों के खिलाफ कोर्ट में मामला दायर हुआ है।

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Revealed in investigation that fake medicine was sold in many medical store in Saharanpur
नकली दवाएं। - फोटो : amar ujala

विस्तार

जिन दवाओं को आप महंगे दाम पर खरीदकर अपने मरीज को खिला रहे हैं, कहीं वह दवाएं नकली तो नहीं हैं। यह खुलासा जांच में हुआ है, जहां नौ नमूनों में से पांच नमूनों में दवाएं नकली पाई गई हैं। संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ मामला कोर्ट में दायर कर दिया गया है। जिसके बाद संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। इससे संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों में खलबली मची है। 

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औषधि निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में विभाग की टीम ने अप्रैल से जुलाई के बीच विभिन्न मेडिकल स्टोरों से दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेजे गए थे। इनमें से चार नमूने कैलाशपुर स्थित उस दवा फैक्टरी के हैं, जिस पर एसटीएफ उत्तराखंड और औषधि विभाग सहारनपुर की टीम ने छह जून 2022 को छापा मारा था। यह फैक्टरी अवैध रूप से संचालित हो रही थी। यहां से करीब दस लाख रुपये कीमत की दवाएं भी बरामद की गई थीं। यहीं से चार नमूने जांच के लिए लैब में भेजे गए थे। जिनमें से तीन नमूनों में दवाएं नकली पाई गई हैं। अभी एक नमूने की रिपोर्ट आना बाकी है। 
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इसके अलावा दो अन्य नमूने भी फेल हुए हैं। इनमें से एक नमूना एसबीडी जिला अस्पताल के नजदीक स्थित एक प्रमुख मेडिकल स्टोर से लिया गया था, जबकि एक अन्य नमूना गंगोह के एक मेडिकल स्टोर से लिया गया था, जिसमें दवा नकली पाई गई है। पांचों दवाएं नकली पाए जाने के बाद संबंधित एजेंसी और मेडिकल स्टोरों के विरुद्ध मामला कोर्ट में भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद सूचना संबंधित एजेंसी और मेडिकल स्टोर संचालकों तक भी पहुंच गई है, जिनमें खलबली मची हुई है। उधर, अधिकारी का कहना है कि नकली दवाओं पर तीनों के विरुद्ध कार्रवाई होना तय है।
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दो सरकारी दवाएं भी अधोमानक मिलीं 
विभाग ने जनता रोड स्थित वेयर हाउस और एसबीडी जिला अस्पताल से भी दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे थे। इनमें से दो दवाओं के नमूने अधोमानक पाए गए हैं। दोनों ही दवाएं एंटीबायोटिक बताई गई हैं। अधिकारी ने बताया कि दवाएं पूरी तरह सही थी, लेकिन पुरानी होने की वजह से उनकी गुणवत्ता का प्रतिशत कम हो गया था। 

दवाओं से संबंधित 63 मामले कोर्ट में विचाराधीन 
नकली दवाओं की पुष्टि होने के बाद विभाग मामला कोर्ट में दायर करता है, जहां से संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन नकली दवाओं से संबंधित 63 मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं। हालांकि इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालकों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई होने की उम्मीद है। 

हमने मेडिकल स्टोरों और जिला अस्पताल आदि से दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेजे थे। इनमें से नौ नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें पांच नमूने फेल आए हैं, जिनमें दवाएं नकली पाई गई हैं। इनमें से तीन नमूने कैलाशपुर में पकड़ी गई फैक्टरी के हैं, जबकि एक नमूना एसबीडी जिला अस्पताल के पास स्थित मेडिकल स्टोर और एक गंगोह के मेडिकल स्टोर का है। सरकारी दवाओं के दो नमूने अधोमानक मिले हैं। - संदीप कुमार, औषधि निरीक्षक

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