फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Reported for making fake certificate

बड़ा मामला: फर्जी दस्तावेजों से बनवाए अनुसूचित जाति के फर्जी प्रमाणपत्र, ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा

Mon, 01 Aug 2022 11:33 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 01 Aug 2022 11:33 PM IST
सार

सहारनपुर में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर ये प्रमाण पत्र बनवाए हैं।

विज्ञापन
Reported for making fake certificate
सहारनपुर पुलिस। - फोटो : amar ujala

विस्तार

एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपना और परिजनों के अनुसूचित जाति के फर्जी प्रमाणपत्र बनवा लिए। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के यहां शिकायत होने पर जिला स्तरीय स्क्रूटनी समिति ने जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा है। जांच समिति की आख्या पर एसएसपी के आदेश पर सदर बाजार कोतवाली में आरोपी समेत नौ परिजनों और लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। तहसीलदार ने सभी फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया है।

विज्ञापन


सहारनपुर में सदर बाजार कोतवाली पर सिविल लाइन चौकी प्रभारी एसआई संजय त्यागी की ओर से यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसमें आवास विकास कॉलोनी निवासी अजेंद्र पाल सिंह चावला, उसकी पुत्री हरमीत कौर, बेटे सरदार रणजोत सिंह, भाई सतवीर सिंह, कंवरजीत सिंह, जसजीत सिंह, हरनू्र कौर, राजकुमार, अभिराज कंवर सिंह परिजनों के अलावा तत्कालीन संबंधित लेखपाल को नामजद किया गया है। जांच समिति की आख्या के अनुसार अजेंद्र पाल सिंह चावला ने राजकीय इंटर कॉलेज सहारनपुर में प्रवेश के समय प्रवेशपत्र में धर्म और जाति के कॉलम में मात्र हिंदू सिख लिखा था।
विज्ञापन


आरोपी ने इस कॉलेज से जारी कराई टीसी प्रमाण पत्र में षड्यंत्र रच कर अपनी जाति वाल्मीकि अंकित करा कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और इसी टीसी के आधार पर संबंधित लेखपाल के साथ षड्यंत्र रचकर अनुसूचित जाति वाल्मीकि का जाति प्रमाणपत्र बनवा लिया। इसके बाद अपने परिजनों के जाति प्रमाण पत्र बनवाए गए। इन फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर अजेंद्रपाल और अन्य परिजनों ने अनुचित लाभ लिए और एसटीएसटी एक्ट का भी मुकदमा यमुनानगर निवासी रिश्तेदार सतनाम सिंह खुराना आदि के खिलाफ दर्ज कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सतनाम सिंह ने की थी आयोग को शिकायत
यमुनानगर के मॉडल टाउन निवासी सतनाम सिंह खुराना ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली को शिकायती पत्र भेजा था। जिसमें उसने अजेंद्रपाल सिंह और उसने परिजनों के फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवाने और उसके खिलाफ झूठी एसटीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराने की शिकायत की थी। आयोग ने मंडलायुक्त को जांच कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय स्क्रूटनी समिति की जांच की तो इस फर्जीवाडे का खुलासा हुआ।

आयोग को जांच रिपोर्ट सौंपी
सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में इस मामले की तारीख थी। जिसमें मंडलायुक्त लोकेश एम., एडीएम वित्त रजनीश मिश्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना और एसपी यातायात प्रेमचंद ने आयोग के समक्ष पेश होकर जांच समिति की रिपोर्ट आयोग को सौंप दी है।

यह भी पढ़ें: चंद मिनटों में फैली दहशत: गोवंशों ने मचाया ऐसा उत्पात, जान बचाकर भागे लोग, हैरान कर देंगी ये तस्वीरें

लिए गए लाभ की रिकवरी की जाएगी
आयोग से शिकायत के बाद जांच में अजेंद्र पाल सिंह और उसके परिजनों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, इस संबंध में लेखपाल और अजेंद्र पाल के परिजनों समेत दस लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जारी हुए सभी नौ जाति प्रमाणपत्रों को निरस्त कर दिया गया है। इन प्रमाणपत्रों से इन्होंने जो अनुचित लाभ लिया है, उसकी भी रिकवरी की जाएगी। - अखिलेश सिंह जिलाधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed