फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Rare Shiva Shakti Sanyog is being made after 150 years on Mahashivratri

सहारनपुर: महाशिवरात्रि पर 150 साल बाद बन रहा दुर्लभ शिव शक्ति संयोग

Thu, 16 Feb 2023 11:41 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Thu, 16 Feb 2023 11:41 PM IST
विज्ञापन
Rare Shiva Shakti Sanyog is being made after 150 years on Mahashivratri
प्राचीन शिव मन्दिर बरसी में ऐतिहासिक शिवलिंग।
सहारनपुर। महाशिवरात्रि पर इस बार 150 साल बाद शिव शक्ति संयोग बन रहा है, जो अतिफलदायी है। विधिपूर्वक भोले बाबा की पूजा करने से विशेष कृपा बरसेगी।
विज्ञापन

राधा विहार स्थित श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि 150 साल बाद शिव शक्ति संयोग बना है। इस संयोग पर महाशिवरात्रि पर्व का अति महत्व है। विधि विधान से पूजा अर्चना करने पर महादेव की कृपा बरसेगी। सात्विक भाव से भोले बाबा की आराधना करने से सभी कष्ट दूर होंगे।
ऐसे करें भगवान शिव को प्रसन्न
ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य रोहित वशिष्ठ का कहना है कि समस्त देवी देवताओं में भगवान शिव को प्रसन्न करना बेहद आसान है। महाशिवरात्रि पर व्रत रखने से महादेव प्रसन्न होते हैं। शिव की पूजा करने के लिए सबसे सरल विधि है। प्रात:काल स्नान कर भगवान शंकर के मंदिर में जाकर शिवलिंग के समक्ष बैठकर पूजा करें। भगवान शिव की पूजा से पहले शिवगणों की आराधना करनी चाहिए। इनमें श्री गणेश जी, माता पार्वती, श्री कार्तिक भगवान, श्री नंदीश्वर, सर्प, गंगा शामिल है। पूजन सामग्री भगवान शिव को अर्पण करते हुए ऊं नम: शिवाय का जाप अवश्य करें। भोलेनाथ को कम से कम पांच वस्तुएं अर्पित करनी चाहिए। इनमें चंदन, पुष्प, बेलपत्री, धूप, दीपक और भोग शामिल है।
विज्ञापन

सर्व प्रथम प्रभु को करें प्रणाम
आचार्य रोहित वशिष्ठ का कहना है कि सर्वप्रथम भगवान शिव और उनके गणों को प्रणाम करना चाहिए। उसके बाद भगवान शिव को शुद्ध जल से स्नान कराना चाहिए। गाय का दूध, दही, घी, शहद और शक्कर को मिलाकर पंचामृत से भगवान का अभिषेक करें। स्नान कराने के बाद उन्हें गंगाजल से दोबारा स्नान कराएं। उसके पश्चात चंदन का तिलक लगाएं। बेलपत्र भगवान को चढ़ाए, धूप-दीपक दिखाएं और भोग लगाएं। इसके साथ ही एकांत स्थान में बैठकर 108 बार ऊं नम: शिवाय का जाप करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed