{"_id":"689794b9477f9997070ba9e5","slug":"rakhi-tied-on-brothers-wrists-promise-of-protection-received-saharanpur-news-c-30-1-sha1004-156017-2025-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, रक्षा का मिला वचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, रक्षा का मिला वचन
Sun, 10 Aug 2025 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 10 Aug 2025 12:04 AM IST
विज्ञापन
कमला विहार कॉलोनी में तनुराज को राखी बांध तिलक करती बहन ताक्ष्वी वर्मा। स्रोत-स्वयं
सहारनपुर। रक्षाबंधन पर्व के साथ ही पवित्र सावन माह संपन्न हो गया। भाई-बहन के प्यार के प्रतीक का पर्व धूमधाम और पारंपरिक रूप से शनिवार को मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। भाइयों ने बहनों को नकद उपहार, गिफ्ट भेंट कर रक्षा का वचन दिया। महानगर में दिनभर राखी बांधने का सिलसिला जारी रहा।
शनिवार को सुबह से घरों और बाजारों में पर्व का उल्लास नजर आया। भद्रा और पंचक का साया न होने के चलते दिनभर बहनों ने भाइयों को राखी बांधी। सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 6.06 बजे से 8.20 बजे तक, विजय मुहूर्त सुबह 10.47 से 11.58 बजे, अभिजीत मुहूर्त 11.59 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक रहा। ऐसे में अधिकतर भाइयों ने बहनों से शुभ मुहूर्तों में राखी बंधवा कर आपसी स्नेह के बंधन को मजबूत किया।
बहनों ने राखी बांधने से पहले भाइयों की आरती उतारी, उन्हें चंदन, रोली का तिलक किया। इसके बाद स्नेह का प्रतीक रक्षा का सूत्र बांधा। कहीं पर बहनें भाइयों के घरों पर राखी बांधने के लिए पहुंची तो कहीं भाई ही बहनों के यहां रक्षा सूत्र बंधवाने पहुंचे। इसके साथ ही कई बहनों ने अपने आराध्य देव को भी राखी बांधी। भाइयों ने बहनों को विभिन्न धातुओं के आभूषण, बाली, चेन, मोबाइल, भगवान की मूर्ति, घड़ियों के साथ उनकी मनपसंद चीजों की शापिंग कराई। महानगर में शाम तक पर्व की धूम रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को सुबह से घरों और बाजारों में पर्व का उल्लास नजर आया। भद्रा और पंचक का साया न होने के चलते दिनभर बहनों ने भाइयों को राखी बांधी। सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 6.06 बजे से 8.20 बजे तक, विजय मुहूर्त सुबह 10.47 से 11.58 बजे, अभिजीत मुहूर्त 11.59 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक रहा। ऐसे में अधिकतर भाइयों ने बहनों से शुभ मुहूर्तों में राखी बंधवा कर आपसी स्नेह के बंधन को मजबूत किया।
विज्ञापन
बहनों ने राखी बांधने से पहले भाइयों की आरती उतारी, उन्हें चंदन, रोली का तिलक किया। इसके बाद स्नेह का प्रतीक रक्षा का सूत्र बांधा। कहीं पर बहनें भाइयों के घरों पर राखी बांधने के लिए पहुंची तो कहीं भाई ही बहनों के यहां रक्षा सूत्र बंधवाने पहुंचे। इसके साथ ही कई बहनों ने अपने आराध्य देव को भी राखी बांधी। भाइयों ने बहनों को विभिन्न धातुओं के आभूषण, बाली, चेन, मोबाइल, भगवान की मूर्ति, घड़ियों के साथ उनकी मनपसंद चीजों की शापिंग कराई। महानगर में शाम तक पर्व की धूम रही।
विज्ञापन

कमला विहार कॉलोनी में तनुराज को राखी बांध तिलक करती बहन ताक्ष्वी वर्मा। स्रोत-स्वयं

कमला विहार कॉलोनी में तनुराज को राखी बांध तिलक करती बहन ताक्ष्वी वर्मा। स्रोत-स्वयं