भाकियू की महापंचायत: टिकैत ने किसानों से कहा- ट्रैक्टरों में बंपर लगवा लें, टैंकों के रूप किया जाएगा इस्तेमाल
राकेश टिकैत ने महापंचायत में किसानों से कहा कि अपने ट्रैक्टरों में बंपर लगवा लें, ताकि उन्हें टैंकों के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की नजर किसानों की जमीनों पर ही नहीं रेहड़ी, ठेली और छोटे दुकानदारों के कारोबार पर भी है। वह अडानी, अंबानी के मार्फत देश में कंपनी राज लाना चाहती है, जिसे रोकने के लिए किसान बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहें। यह नस्ल और फसल को बचाने की लड़ाई है। जमीर और जमीन को बचाना है। उन्होंने कहा कि अबके मुकाबला कैड़ा होना है। किसान अपने ट्रैक्टरों पर बंपर लगवा लें ताकि उनका इस्तेमाल टैंकों की तरह किया जा सके।
भाकियू नेता राकेश टिकैत बुधवार को चौरा खुर्द में किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने केंद्र सरकार पर तो निशाना साधा ही विपक्ष को भी कमजोर करार दिया। उन्होंने कहा कि मुझे विपक्ष पर भरोसा नहीं है, क्योंकि वह अपनी बात मजबूती के साथ नहीं कह पा रहा है। ऐसे में किसानों को अपने अस्तित्व की लड़ाई खुद अपने बूते लड़नी होगी।
टिकैत ने कहा कि बिहार में बीते 17 साल के अंदर वहां का किसान मजदूर बन गया। वहां की जमीनों पर अडानी और अंबानी का कब्जा है। सरकार यूपी और एमपी में मंडियों को बंद करने की साजिश रच रही है ताकि वहां की खाली जमीन के पट्टों का आवंटन आरएसएस के लोगों को कर सके। एफसीआई के गोदाम पहले ही अडानी को दे दिए हैं। एमएसपी को खत्म करना चाहती है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जान हथेली पर रख कर देश भर में जाकर केंद्र सरकार की साजिशों के प्रति किसानों को जागरूक कर रहे हैं। जल्द ही बड़ा आंदोलन मोर्चा करने जा रहा है, जिसका समय और स्थान बता दिया जाएगा।
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राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार दूध की पॉलिसी ला रही है। पहले 22 रुपये लीटर दूध की बिक्री कर हमारे पशुधन को खत्म कराया जाएगा। जब किसानों के खूंटे खाली हो जाएंगे तब मनमर्जी दाम पर दूध बेचा जाएगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय टेनी पर कार्रवाई न होने को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टेनी के आदमी दहशत फैलाने के लिए लखीमपुर में सिखों के डेरों पर चोरियां और फायरिंग कर रहे हैं, लेकिन किसान इससे डरने वाले नहीं हैं। इससे पूर्व यहां पहुंचने पर राकेश टिकैत को चांदी का चक्र और गदा भेंट की गई। पंचायत की अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज वीरेंद्र यादव और संचालन जिला महासचिव अशोक कुमार ने किया।
दस रुपये की मेंबरशिप से बनाएं भावनात्मक रिश्ता, महिलाओं को भी जोड़े
राकेश टिकैत ने संगठन को मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान तेज करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हर घर से भावनात्मक रिश्ता बनाने के लिए दस दस रुपये की मेंबरशिप गांवों में करें। महिलाओं को भी संगठन से जोड़ें और इसकी शुरुआत कार्यकर्ता अपने-अपने घरों से करें। उन्होंने कहा, रेहड़ी, ठेलीवालों और छोटे दुकानदारों को भी संगठन से जोड़ें। जिला मुख्यालय पर होने वाली मासिक पंचायतें भी अब बड़े गांवों में होंगी, ताकि हर गांव और घर तक भाकियू की पहुंच बन सकें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भाकियू के आंदोलनों में भाग लेने वाले किसानों के उन बच्चों का उत्पीड़न कर रही है जो अन्य पेशों से जुड़े हैं। उन्होंने अपनी चिरपरिचित शैली में कहा कि यदि कोई भाजपा का ताबीज (कमल के फूल का बैज) पहन लेता है तो उसे सरकार के उत्पीड़न के मुक्ति मिल जाती है। इस तानाशाही को जवाब देने के लिए हमें एकजुट होना होगा। अग्निवीर योजना के नाम पर छले जा रहे युवाओं को भी साथ लाकर अपनी ताकत बढ़ानी होगी।
महापंचायत में उठी ये मांग
चौरा खुर्द की किसान महापंचायत में शुगर मिलों द्वारा गन्ने का भुगतान न करने, खेतों पर नलकूपों के उपकरण की लगातार हो रही चोरियों, बिजली कटौती, बिजली अधिकारियों की भ्रष्ट कार्यप्रणाली, हिंडन नदी में पानी न होने के मुद्दे जोर शोर से गूंजे। महापंचायत के आयोजक और जिला महासचिव जिले सिंह ने हिंडन में पानी उपलब्ध करा उस पर चार स्थानों पर डैम बनाने, दया शुगर मिल से भुगतान पेराई सत्र शुरू होने से पहले दिलाने, खेतों पर हो रही चोरियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की। जिस पर राकेश टिकैत ने कहा कि डीएम पेराई सत्र से पहले गन्ना भुगतान करवा दें अन्यथा आंदोलन झेलने को तैयार रहें। चोरी की घटनाएं न रुकने पर संबंधित थाने का घेराव किया जाएगा। बिजली अधिकारियों के रवैये पर कहा कि कार्यकर्ता आंदोलन के माध्यम से उन्हें सबक सिखाने का काम करें।
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इन्हें मिली जिम्मेदारी
किसान महापंचायत में राजबीर सिंह कांबोज को मंडल महासचिव, राव नौशाद को प्रदेश सचिव, प्रिंस चौधरी को पश्चिमी उप्र संगठन मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा मंच से की गई।