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Saharanpur News: उफान पर आई बरसाती नदियां, गांवों का संपर्क कटा
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मां के भवन की सीढ़ियों को स्पर्श करता शाकंभरी खोल का पानी
-शाकंभरी देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को भूरा देव मंदिर पर रोका
शाकंभरी(सहारनपुर)। शिवालिक पहाड़ियों एवं मैदानी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के बाद घाड़ क्षेत्र की बरसाती नदियों में भयंकर बाढ़ आ गई। इसके चलते कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया। वहीं सभी सड़क मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी को जाने वाले श्रद्धालुओं को भूरादेव पर ही रोक दिया गया था।
शनिवार सुबह आठ बजे के लगभग सिद्धपीठ शाकंभरी देवी स्थित शाकंभरी खोल में अचानक बाढ़ आ गई, जिसके चलते देवी दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस द्वारा भूरादेव पर ही रोका गया। वहीं दूसरी ओर मिर्ज़ापुर के पास शाहपुर गाड़ा, हबीबपुर तपोवन, नौगांवा, जैतपुर कला आदि गांवों की नदियों में भयंकर बाढ़ आ गई। इसके चलते इन गांवों को जोड़ने वाले मार्ग कई घंटे तक अवरुद्ध रहे। राहगीर पानी कम होने का इंतजार करते रहे। मिर्जापुर क्षेत्र की बादशाही बाग नदी में भी तेज बहाव से पानी आने पर तीन राज्यों को जोड़ने वाले बादशाही बाग-खारा सड़क मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग दोनों तरफ खड़े होकर पानी कम होने का इंतजार करते रहे।
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मान्यता के अनुसार बाढ़ के पानी ने छुआ भवन की सीढि़यों को
शाकंभरी। काफी समय से चली आ रही मान्यता के अनुसार बाढ़ का पानी एक बार वर्ष में जरूर मां भगवती के चरणों को स्पर्श करते हुए निकलता है। इसी मान्यता को सही साबित करते हुए शनिवार को फिर दोबारा से बाढ़ का पानी मां शाकंभरी देवी भवन की सीढ़ियों को छूते हुए निकल गया। मंदिर व्यवस्थापक राणा आदित्य प्रताप सिंह ने बताया की वर्षों से मां के भवन (चरणों) को बाढ़ का पानी छूते हुए हर वर्ष निकलता है। इस वर्ष दूसरी बार ऐसा हुआ है। विगत दिनों भी बाढ़ का पानी मां के दरबार सीढ़ियों तक पहुंच गया था। वर्षों से वह देखते आ रहे हैं और उनकी उनके बड़े बुजुर्ग भी बताते थे कि मां के चरणों को बाढ़ का पानी एक बार जरूर स्पर्श करते हुए निकलता है।
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शाकंभरी(सहारनपुर)। शिवालिक पहाड़ियों एवं मैदानी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के बाद घाड़ क्षेत्र की बरसाती नदियों में भयंकर बाढ़ आ गई। इसके चलते कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया। वहीं सभी सड़क मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। सिद्धपीठ शाकंभरी देवी को जाने वाले श्रद्धालुओं को भूरादेव पर ही रोक दिया गया था।
शनिवार सुबह आठ बजे के लगभग सिद्धपीठ शाकंभरी देवी स्थित शाकंभरी खोल में अचानक बाढ़ आ गई, जिसके चलते देवी दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस द्वारा भूरादेव पर ही रोका गया। वहीं दूसरी ओर मिर्ज़ापुर के पास शाहपुर गाड़ा, हबीबपुर तपोवन, नौगांवा, जैतपुर कला आदि गांवों की नदियों में भयंकर बाढ़ आ गई। इसके चलते इन गांवों को जोड़ने वाले मार्ग कई घंटे तक अवरुद्ध रहे। राहगीर पानी कम होने का इंतजार करते रहे। मिर्जापुर क्षेत्र की बादशाही बाग नदी में भी तेज बहाव से पानी आने पर तीन राज्यों को जोड़ने वाले बादशाही बाग-खारा सड़क मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग दोनों तरफ खड़े होकर पानी कम होने का इंतजार करते रहे।
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मान्यता के अनुसार बाढ़ के पानी ने छुआ भवन की सीढि़यों को
शाकंभरी। काफी समय से चली आ रही मान्यता के अनुसार बाढ़ का पानी एक बार वर्ष में जरूर मां भगवती के चरणों को स्पर्श करते हुए निकलता है। इसी मान्यता को सही साबित करते हुए शनिवार को फिर दोबारा से बाढ़ का पानी मां शाकंभरी देवी भवन की सीढ़ियों को छूते हुए निकल गया। मंदिर व्यवस्थापक राणा आदित्य प्रताप सिंह ने बताया की वर्षों से मां के भवन (चरणों) को बाढ़ का पानी छूते हुए हर वर्ष निकलता है। इस वर्ष दूसरी बार ऐसा हुआ है। विगत दिनों भी बाढ़ का पानी मां के दरबार सीढ़ियों तक पहुंच गया था। वर्षों से वह देखते आ रहे हैं और उनकी उनके बड़े बुजुर्ग भी बताते थे कि मां के चरणों को बाढ़ का पानी एक बार जरूर स्पर्श करते हुए निकलता है।

मां के भवन की सीढ़ियों को स्पर्श करता शाकंभरी खोल का पानी