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Saharanpur News: बरसात सिर पर, पुल निर्माण नहीं हुआ पूरा

Mon, 01 Jun 2026 12:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:14 AM IST
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Rain is on the horizon, bridge construction is not complete.
चिलकाना से गंदेवड़ मार्ग पर सुल्तानपुर के पास बन रहा पुल।संवाद
पड़ताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिलकाना। चिलकाना से गंदेवड़ जाने वाली मुख्य सड़क तीन वर्ष पहले सुल्तानपुर के पास धोबी घाट पर मसखरा नदी में बाढ़ का पानी आने के कारण टूट गई थी। सड़क टूटने से चिलकाना से गंदेवड़, विकास नगर, शाकंभरी देवी सहित खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक वर्ष पहले टूटी सड़क पर पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था लेकिन यह कछुआ गति से चल रहा है।

बरथाकायस्थ के सुभाष शर्मा ने इस समस्या को मेरी आवाज सुनो काॅलम में भेजा था। रविवार को इसे प्रकाशित करने के साथ ही मौके पर टीम भेज कर पड़ताल कराई गई। पाया गया कि मुख्य सड़क टूटने के कारण यातायात को दुमझेड़ा-धोलाहेड़ी कच्चा पक्का मार्ग से निकलने की व्यवस्था की गई है। कच्चा-पक्का मार्ग एकल वाहन मार्ग है। इस पर छोटे-बड़े वाहनों के अलावा खनिज से भरे हुए वाहन चलते हैं। खनिज से भरे वाहनों के कारण इस सड़क पर निरंतर जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर लगने वाले जाम के कारण सबसे ज्यादा परेशानी कस्बे की तरफ आने जाने वाले दैनिक यात्रियों, शिक्षकों, स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों, व्यापारियों को हो रही है।
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- गांव बरथाकायस्थ निवासी पंडित सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि पुल के पास जो अस्थाई मार्ग बनाया गया है। वह भी इस बरसात में पूरी तरह से गिर सकता है। जब तक पुल का निर्माण नहीं होता, तब तक वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत की जाए।
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- गांव नथमलपुर निवासी चौधरी मारूफ ने बताया कि महीने में 15 दिन पुल निर्माण पर मजदूर लगते हैं। उसके बाद फिर कार्य बंद हो जाता है।
- स्कूल में बच्चों को लाने वाले बस ड्राइवर संदीप कुमार ने बताया कि सड़क टूटने से ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले स्कूली बच्चे अपने स्कूल में समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। कच्चा पक्का मार्ग पर जाम लगा रहता है।

- किसान रामनाथ सैनी ने बताया कि हर वर्ष मसखरा नदी में आने वाली बाढ़ के कारण यह सड़क दो बार टूट चुकी है। सड़क टूटने से सबसे ज्यादा समस्या स्थानीय किसानों के सामने आती है। पुल को जल्दी बनाया जाए तथा बरसात से पहले अस्थायी मार्ग की मरम्मत की जाए।
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